शिमला, स्कूल की छुट्टी का समय था। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ घर लौट रहे थे, तभी अचानक दो पुरुष और एक महिला स्कूल परिसर में पहुंचे और तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को अपने साथ ले जाने की बात कहने लगे। स्कूल प्रशासन को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो तुरंत सतर्कता बरती गई और बच्ची को उनके साथ भेजने से इनकार कर दिया गया। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। यह मामला शिमला जिला के ठियोग उपमंडल के फागू स्थित एक निजी स्कूल का है।

पुलिस के अनुसार इस संबंध में ठियोग थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत स्कूल की वाइस प्रिंसिपल सुनीता शर्मा ने दर्ज करवाई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 मई को दोपहर करीब 2 बजकर 50 मिनट पर स्कूल में छुट्टी का समय था। इसी दौरान दो पुरुष और एक महिला स्कूल परिसर में पहुंचे और छात्रा को अपने साथ ले जाने की बात कही।

स्कूल प्रशासन ने जब उनसे पूछताछ की और सत्यापन करने की कोशिश की तो संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को सुरक्षित अपने पास रखा और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया।

घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा। अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और बिना पुष्टि के किसी भी बाहरी व्यक्ति को बच्चों के संपर्क में नहीं आने दिया जाएगा।

पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि बीएनएस की धाराओं 137(2), 62 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।