नेपाल के पूर्व पीएम ओली के साथ चुनावी गठबंधन करने से आरपीपी का इनकार
रांची (RANCHI): नेपाल में 05 मार्च को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के अध्यक्ष राजेन्द्र लिंगदेन ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली के साथ किसी भी तरह का गठबंधन करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ना राजनैतिक भूल होगी।
झापा 5 निर्वाचन क्षेत्र से केपी ओली अपने अकेले दम पर नहीं, बल्कि आरपीपी के समर्थन से ही चुनाव जीतते आ रहे हैं:लिंगदेन
झापा 3 से प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ रहे आरपीपी के अध्यक्ष लिंगदेन ने कहा कि पिछले तीन चुनाव में झापा 5 निर्वाचन क्षेत्र से केपी ओली अपने अकेले दम पर नहीं, बल्कि आरपीपी के समर्थन से ही चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब पहली बार संविधान सभा के निर्वाचन में ओली को आरपीपी का समर्थन नहीं था, तो वो पराजित हो गए थे। उसके बाद हुए दूसरे संविधान सभा के निर्वाचन से लेकर 2017 और 2022 के प्रतिनिधि सभा निर्वाचन में आरपीपी के समर्थन से ओली लगातार उस क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि झापा-५ निर्वाचन क्षेत्र में अब आरपीपी किसी भी तरह का गठबंधन या तालमेल नहीं करेगा और वह अपनी ताकत में जीत हासिल करेंगे। आरपीपी इस बार के चुनाव में ओली के चुनावी गठबंधन के प्रस्ताव को ठुकरा चुकी है। लिंगदेन ने कहा कि चुनाव के कुछ दिन बाद ही ओली की तरफ से गठबंधन का प्रस्ताव आया था, जिसे उन्होंने ख़ारिज कर दिया है।
आरपीपी इंकार से झापा 5 से ओली की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई
आरपीपी के चुनावी गठबंधन से इंकार के बाद इस बार झापा 5 से ओली की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई है। इस बार देशव्यापी रूप से पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के बजाए वो शुरू से ही अपने क्षेत्र में ही डटे हुए हैं। इससे भी ओली के चुनाव में नतीजा के प्रति चिंता को स्पष्ट करता है।














