मुख्यमंत्री के दौरे से खुदिराम बोस के गांव में विकास की उम्मीद
मेदिनीपुर, स्वतंत्रता सेनानी खुदिराम बोस के बलिदान दिवस के अवसर
पर 11 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उनके जन्मस्थान पश्चिम
मेदिनीपुर के मोहबनी गांव पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह
पश्चिम मेदिनीपुर का पहला दौरा होगा। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर
तैयारियां तेज हो गई हैं। वहीं, खुदिराम बोस के परिवार और स्थानीय लोगों को
उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के दौरे से गांव में विकास कार्यों को गति
मिलेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर की जिलाधिकारी
बिजिन कृष्ण और पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने शनिवार को मोहबनी पहुंचकर
तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था,
यातायात और भीड़ नियंत्रण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा
संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन सूत्रों के अनुसार,
मुख्यमंत्री 11 अगस्त को करीब 20 से 30 मिनट मोहबनी में रह सकते हैं।
मुख्यमंत्री
के आगमन की खबर से मोहबनी के लोगों में उत्साह है। खुदिराम बोस के परिवार
के सदस्य भी उनके दौरे को लेकर आशान्वित हैं।खुदिराम बोस के रिश्तेदार
पौत्र गोपाल बोस और उनके पुत्र शांति बोस ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी पहले
भी मोहबनी आ चुके हैं, लेकिन इस बार वे मुख्यमंत्री के रूप में यहां आएंगे।
अवसर मिलने पर वे गांव की समस्याओं और विकास की जरूरतों को मुख्यमंत्री के
सामने रखने की कोशिश करेंगे।
परिवार के अनुसार, गांव की कई सड़कें
अभी भी जर्जर हैं। स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं में
सुधार की जरूरत है। इसके अलावा डाकघर के लिए अब तक अपना भवन नहीं है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मोहबनी विकास प्राधिकरण भी विकास कार्यों को गति देने में जुट गया है।
प्रशासनिक
सूत्रों के अनुसार, केशपुर और गड़बेता-तीन प्रखंड में करीब 10 करोड़ रुपये
की लागत से 21 विकास परियोजनाएं लागू करने की पहल की गई है। इनमें 16 सड़क
निर्माण और मरम्मत कार्य, एक बड़े नाले का निर्माण तथा कई पुलियों की
मरम्मत शामिल है। इनमें से 13 परियोजनाओं के कार्यादेश जारी हो चुके हैं,
जबकि शेष परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया चल रही है।
उल्लेखनीय है
कि वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर खुदिराम बोस
की स्मृति को सम्मान देने के उद्देश्य से मोहबनी विकास प्राधिकरण का गठन
किया गया था। मोहबनी को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की योजना के तहत
बाल उद्यान, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास का काम शुरू किया गया
था।















