एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के रूप में विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला, सदियों पुरानी लोक कला और परंपराओं का जीवंत संगम है। मेले के एक कोने में एक ऐसी अनमोल विरासत आज भी अपनी मधुर ध्वनि बिखेर रही है, जिसे देखने और खरीदने के लिए हर साल श्रद्धालु और पर्यटक उमड़ते हैं मिट्टी की बनी पारंपरिक सीटी और घिरनी परंपरा का प्रतीक और बाबा हरिहरनाथ का शगुन भी है। जिसे मेले के इतिहास और स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार मिट्टी से बनी ये साधारण सी कलाकृतियाँ केवल खिलौने ही नहीं बल्कि
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक ऐसी कहानी दोबारा जीवित हो उठी है, जिसने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर को अपनी स्मृतियों में संभालकर रखा है। 80 वर्षीय बसंत पंडो आज भी उस दिन को उतनी ही स्पष्टता से याद करते हैं, जैसे वह घटना अभी-अभी घटी हो। लगभग सात दशक पुरानी यह स्मृति सिर्फ एक व्यक्ति का अनुभव नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर का वह अ
भारत की पहली बुलेट ट्रेन अब सिर्फ सपना नहीं बल्कि तेजी से हकीकत बनती तस्वीर है। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को करीब से देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का विशेष दौरा किया। प्रधानमंत्री ने यहाँ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और इंजीनियरों व प्रोजेक्ट टीम से सीधे संवाद किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एकता नगर में भारत पर्व पर विभिन्न राज्यों की ओर से अपनी विशिष्ट विरासत का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इनमें तेलंगाना की अनोखी चेरियाल पेंटिंग को दर्शाने वाला स्टॉल अपने रंगों, कहानियों और इतिहास के लिए सबसे अलग नजर आ रहा है। यह आगंतुकों का बरबस ही मन मोह रहा है।
भारत में साहित्य प्रेमियाें के लिए रूस के महान उपन्यासकार, कथाकार और निबंधकार फयाेदाेर मिखाइलाेविच दाेस्ताेएव्स्की की पुस्तकें मानव मन के उद्वेगाें काे 'शाब्दिक' रूप देती हैं । ऐसे महान व्यक्तित्व के परपाेते के परपाेते 'ग्रेट ग्रेट ग्रैंडसन' अलेक्सेई दिमित्रीविच दाेस्ताेएव्स्की से देश की राजधानी में हुई एक मुलाकात में कहीं न कहीं उस महान कथाकार का प्रतिबिंब दिखाई दिया।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में कुपोषण के खिलाफ चल रही जंग में अब नई आशा की किरण जगी है। जिले के कलेक्टर आदित्य सिंह के नवाचार और दृढ़ संकल्प ने हजारों कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर पोषण की राह पर ला खड़ा किया है। यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं, बल्कि उनके द्वारा अपनाए गए मोरिंगा आधारित पोषण मॉडल का परिणाम है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वनस्पति विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी खोज की है। विभाग के डॉ. प्रशांत सिंह एवं उनकी शोध टीम — बंदना, निधि और थिरुनारायण — ने वंशानुगत पौध प्रतिरक्षा ( हेरिटेबल प्लांट इम्यूनिटी) की पहचान कर सतत् कृषि की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है।
भारतीय संस्कृति में प्रकाश को अंधकार दूर करने के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा एवं उत्साह के प्रतीक के रूप में भी माना जाता है। तीज-त्योहार तथा धार्मिक उत्सव में प्रकाश का स्थान महत्वपूर्ण एवं अडिग रहा है। आज के युग में लाइटिंग एक आर्ट बन गई है
वाराणसी में चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल प्रांगण में चल रहे हस्तशिल्प मेला में चीनी मिट्टी के बर्तन बेच रहे बुलंदशहर के दुकानदार भीमसेन और उनके साथी ने बताया कि लोगों के चीनी मिट्टी के शौक ने ही इसे जिंदा कर रखा है। घरों में स्टील बर्तनों के उपयोग ज्यादा हैं और चीनी मिट्टी के बर्तनों के कम हैं।
बिहार के सारण जिले में गंगा और गंडक के पावन संगम पर स्थित हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला सदियों से आस्था, संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता आ रहा है। यह मेला न केवल बिहार बल्कि पूरे भारतवर्ष और पड़ोसी देशों के लिए भी आस्था, व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला यह मेला
झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब प्रचार के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यानी कि 9 नवंबर की शाम काे प्रचार थम जाएगा। 11 नवंबर को मतदान तथा 14 नवंबर को मतगणना होगी। कुल 2,55,823 मतदाता इस त्रिकोणीय मुकाबले में फैसला लेंगे कि क्या इंडी गठबंधन की सत्ता बनी रहेगी या भाजपा पुराना किला फतह करेगी। 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन
-कृषि तंत्र के ज्ञान, नवाचार और नीति-निर्माण का अग्रणी केंद्र है एसकेयूएएसटी विश्वविद्यालय - जम्मू एसकेयूएएसटी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बी एन त्रिपाठी से विशेष बातचीत नई दिल्ली, 06 नवंबर (हि.स.)। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(एसकेयूएएसटी विश्वविद्यालय) केवल एक कृषि विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि उत्त
देव दीपावली के मौके पर परमान नदी का त्रिशूलिया घाट 5051 दीपों से जगमगा उठा।मौके पर विश्व हिंदू परिषद की ओर से परमान नदी किनारे भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।जिसमें वाराणसी से आए पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती कर मनमोहक छंटा प्रस्तुत किया।
श्रीनगर की तर्ज पर प्राचीन पौराणिक सिद्धपीठ थानेश्वर महादेव मंदिर में एक दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेला शांति पूर्वक संपन्न हो गया है। मेले में अजीत धामी और उनकी टीम ने बैठकी जागरो की विभिन्न प्रस्तुतियां दी।
सरोवर नगरी में बुधवार को गुरु नानक देव के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में भव्य कीर्तन दरबार आयोजित किया गया। इस अवसर के लिये गुरुद्वारा साहिब को रंग-बिरंगे फूलों और बिजली की झालरों से आकर्षक रूप से सजाया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इन नेताओं ने एक्स पर पोस्ट कर गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया
सोनपुर मेला क्षेत्र में भी इस अवसर पर विशेष चहल-पहल रही। स्थानीय दुकानों और अस्थायी बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ ही पारंपरिक रूप से सोनपुर मेला अपने चरम पर पहुंच गया है।
अमित शाह ने कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता के लिए लंगर परंपरा की शुरुआत की और धर्मशालाओं की स्थापना कर करुणा एवं संवेदना का मार्ग प्रशस्त किया। उनके आदर्श हर परिस्थिति में मानव जीवन को सही दिशा दिखाते हैं।
यह तारीख भारत के अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। 05 नवंबर 2013 को भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई ऊंचाई हासिल की, जब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपना पहला मंगल ग्रह परिक्रमा मिशन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 का खिताब जीतने पर बधाई दी और इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए बेहद गर्व का क्षण बताया।
डॉ भीमराव पुलिस अकादमी मुरादाबाद में डिप्टी एसपी का प्रशिक्षण ले रही हैं आगरा निवासी दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मैच भारतीय टीम की ओर से 58 गेंद में 58 रन की पारी खेल कर और 5 विकेट लेकर पीतलनगरी का नाम दुनिया भर में और ज्यादा चमका दिया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप जीतकर न सिर्फ खिताब अपने नाम किया बल्कि कई विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह लगभग 9:30 बजे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2025 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. रामदरश मिश्र का शुक्रवार रात निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के द्वारका स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज सुबह 11:00 बजे पालम के मंगलापुरी शमशान घाट पर होगा।
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती रामगढ़ जिले में शुक्रवार को मनाई गई। उनकी दृढ़ इच्छा-शक्ति को देखते हुए एकता की मिसाल पेश की गई।
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिवस भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व पर जोर देता है। शुक्रवार को इस इस अवसर
मप्र के उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में स्नातक द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पुस्तक लेखन पर दो दिवसीय कार्यशाला का पलाश रेजीडेंसी, टीटी नगर भोपाल में आज यानी शुक्रवार से शुभारंभ होगा ।
सम्मेलन का उद्देश्य महर्षि दयानंद सरस्वती की सुधारवादी और शैक्षिक विरासत का सम्मान करना है। साथ ही आर्य समाज की 150 वर्ष की सेवा का उत्सव मनाना और वैदिक सिद्धांतों व स्वदेशी मूल्यों के प्रति जागरुकता बढ़ाना भी इसका हिस्सा है।
भारत के इतिहास में 01 नवंबर की तारीख बेहद खास है। यह वह दिन है जब देश के कई राज्यों ने अपने अस्तित्व का नया रूप देखा। 1956 में भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और इसी दिन आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों का गठन हुआ था।
कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तिथि यानी एक नवंबर को श्रीहरि विष्णु की पूजा के शुभ संयोग के साथ तुलसी-शालिग्राम विवाहोत्सव मनाया जाएगा।
राष्ट्राय स्वाहा, इदं न मम” अर्थात् कुछ भी मेरा नहीं, सब कुछ राष्ट्र के लिए समर्पित। इसी प्रेरणादायक भाव को पाथेय बनाकर भारतमाता की सेवा में निष्ठापूर्वक कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने सौ वर्ष पूरे किए हैं।
छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला अब सिर्फ अपने ठंडे मौसम या हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन की नई पहचान के रूप में भी जाना जाने लगा है। घने जंगलों, झरनों, गुफाओं और ऐतिहासिक धरोहरों से भरपूर यह क्षेत्र अब देशभर के सैलानियों के
हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल का निधन वर्ष 2011 में हुआ। वे अपने प्रखर व्यंग्य और सामाजिक यथार्थ पर आधारित लेखन के लिए जाने जाते थे। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘राग दरबारी’ ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया और हिंदी
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ऐतिहासिक नगरी संभल स्थित प्राचीन मनोकामना मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने जा रहा है। जिले के प्राचीन तीर्थ स्थलों और कुओं के संवर्धन अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी)
झारखंड के नगर विकास और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शुक्रवार को राजधानी रांची के विभिन्न तालाबों एवं छठ घाटों का निरीक्षण किया और वहां की तैयारियों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, प्रकाश, सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं को
भारत में 25 अक्टूबर 1951 को देश के पहले आम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अगले वर्ष 1952 तक चली। इस ऐतिहासिक चुनाव में लगभग 17.3 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव परिणामों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और देश की पहली लोकतांत्रिक सरकार बनाने में सफल रही। यह चुनाव भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखने वाला पहला कदम माना जाता है।
वहीं 27 अक्टूबर, सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया जाएगा। 28 अक्टूबर, मंगलवार को प्रात: बेला में उदीयमान आदित्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इसके बाद इस छठ पर्व का पारण-समापन हो जाएगा।
श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8ः30 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परम्पराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः चार बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारम्भ हुई।
छठ पूजा को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। पूजा में उपयोग होने वाले दउरा, सुपली, डगरा जैसे पारंपरिक सामग्रियों की खरीदारी के लिए बुधवार को बाजारो में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाजारों में खरीददारों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।
उत्तराखंड के चारधाम कपाट बंद होने की शुरुआत आज उत्तरकशी जिले के गंगोत्री धाम से हो गई है । गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व के मौके पर सुबह 11.26 मिनट पर बंद कर दिए गए। जिसके लिए पिछले दिनों से तैयारियां चल रही थीं।

















































