पांडुकेश्वर से कल यानी 27 नवंबर को शंकराचार्य जी की गद्दी ज्योर्तिमठ के लिए प्रस्थान करेंगी.
इस वर्ष विवाह पंचमी मंगलवार, 25 नवंबर को मनाई जाएगी.
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा में 'हिंद की चादर' यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पानीपत जिले के इसराना साहिब गुरुद्वारा से एक विशेष यात्रा को एसडीएम नवदीप सिंह नैन और संत श्री राजेंद्र सिंह ने रवाना किया।
पद्म पुराण, स्कंद पुराण और नारद पुराण के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की अमावस्या आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली अमावस्या है.
त्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडि
सनातन संस्कृति के संरक्षण - संवर्धन तथा उसके गौरवपूर्ण, मूल्यनिष्ठ और अनंत इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि भारत के प्रत्येक सनातनी के मन में अपने धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं संवेदनाएं जागृत हों। सनातन संस्कृति शाश्वत, समावेशी, समग्र और प्रकृति के अनुकूल संस्कृति है। यह बातें नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 'ओम् सनातन न्यास
शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए सबसे खास होता है। इस दिन आप साढेसाती की विशेष पूजा भी करा सकती हैं। इससे आपके जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं। इसके लिए आप पंडित जी के बताए गए चौघड़िया मुहूर्त का ध्यान रखें, ताकि किसी तरह की समस्या न हो।
15 नवंबर 2025 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार उत्पन्ना एकादशी व्रत के कारण बेहद खास और पवित्र है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और इसी दिन माता एकादशी का अवतरण हुआ था। इसलिए यह व्रत एकादशी के व्रतों की शुरुआत के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, अगहन (मार्गशीर्ष) माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 15 नवंबर को प्रातः 12:49 बजे से प्रारंभ होगी.
देवांगन परिवार द्वारा अन्नपूर्णा सदन, देवांगन चौक, हटकेशर में संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर प्रवचनकर्ता आचार्य टीकम शरण महाराज ग्राम हरदी छुरा, जिला गरियाबंद ने भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। भगवान शंकर भोले हैं
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी)में सोमवार से मां अन्नपूर्णा का 17 दिवसीय महाव्रत अनुष्ठान शुरू हो गया। महाव्रत का समापन मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 26 नवंबर को होगा। 27 नवंबर को माता के दरबार को धान के नये बालियों से सजाया जाएगा। अगले दिन 28 नवंबर को प्रसाद स्वरूप धान की बाली आम भक्तों में वितरित की जाएगी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक-मार्गशीर्ष (अगहन) माह की तीसरी सवारी आज सोमवार सायं 04 बजे निकलेगी। सवारी निकलने के पूर्व भगवान श्री महाकालेश्वर के श्री चन्द्रमौलीश्वर स्वरूप का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पूजन उपरांत भगवान श्री चन्द्रमौलीश्वर रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर प्रजा का हॉल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में मां अन्नपूर्णा का 17 दिवसीय व्रत अनुष्ठान मार्गशीर्ष (अगहन) माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार (10 नवंबर) से शुरू होगा। व्रत के पहले दिन व्रती मां अन्नपूर्णेश्वरी के दर्शन कर मंदिर के महंत से प्राप्त 17 गांठ का धागा बाहों में धारण कर व्रत का संकल्प लेंगे। पुरुष इसे दाहिनी और महिलाएं बाईं भुजा में बांध कर व्रत की शुरुआत करेंगी।
इन उपायों को अपना कर आप अपने घर के नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक बना सकते हैं.
मंगसीर बदी नवमी महोत्सव का आयोजन 10 नवंबर से 13 नवंबर तक धूमधाम से श्री राणी सती मंदिर में मनाया जाएगा। 10 नवंबर को जल संचय प्रातः 5 बजे, गणेश पूजन और ध्वजा पूजन प्रातः 7 बजे एवं हवन दोपहर 3 बजे से होगा। 11 नवंबर को भव्य शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से प्रातः 10 बजे निकाली जाएगी। 12 नवंबर को अखंड ज्योत सुबह 7 बजे, मंगला पाठ सुबह 8:30 बजे, सुंदरकांड दोपहर
नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन मंदिरों में शुमार इतवारी बाजार स्थित काल भैरव मंदिर में इस वर्ष भी स्थापना दिवस का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इसकी तैयारी जाेर-शोर से चल रही है। मंदिर की रंगाई-पोताई की जा रही है। दिनभर विविध कार्यक्रम होंगे।पंडित श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि काल भैरव मंदिर का स्थापना दिवस हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी
श्रावण-भाद्रपद माह की तरह श्री महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक-अगहन मास में भी सवारियां निकाली जाती हैं। इसी क्रम में आज सोमवार को महाकालेश्वर मंदिर से शाम चार बजे भगवान महाकाल की कार्तिक माह की द्वितीय सवारी राजसी ठाट-बाट के साथ निकाली जाएगी।
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में आज रात हरि-हर मिलन का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यहां वैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर भगवान महाकाल की रजत पालकी गुदरी चौराहा और पटनी बाजार से होती हुई गोपाल मंदिर पहुंचेगी,
इस धार्मिक कार्य मात्र करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का आती है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है.
ऋषिकेश पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि एक नवंबर को मनाई जाएगी.
उज्जैन में आज निकलेगी भगवान महाकाल की कार्तिक मास पर प्रथम सवारी
सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ शनिवार से शुरू हो गया है.
श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8ः30 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परम्पराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः चार बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारम्भ हुई।
उत्तराखंड के चारधाम कपाट बंद होने की शुरुआत आज उत्तरकशी जिले के गंगोत्री धाम से हो गई है । गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व के मौके पर सुबह 11.26 मिनट पर बंद कर दिए गए। जिसके लिए पिछले दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/ पवित्र नगरी अमरकंटक में दीपावली पर्व पर इस वर्ष भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। दीवाली पर संध्या आरती के पश्चात मां नर्मदा मंदिर परिसर सहित घाटों और मुख्य स्थलों पर 5100 दीपों की लौ से संपूर्ण नगर प्रकाशित हो उठा।
जिले के विभिन्न मंदिरों और पूजा समिति की ओर से मां काली की पूजा बीती मध्य रात्रि की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां काली की आराधना और पूजा के लिए मंदिरों और समिति की ओर से स्थापित पंडालों में जमा हुए और पूजा पाठ में शिरकत किया।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को दीपोत्सव महापर्व के अवसर पर प्रातःकालीन भस्म आरती के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरांत महाकालेश्वर मंदिर पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान को उबटन लगाया गया।
दीपोत्सव को लेकर रामगढ़ जिले में अलग ही उत्साह दिख रहा है। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के साथ-साथ मां काली की पूजा के लिए भी रामगढ़ जिला तैयार हो गया है। जिले के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा शहर को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है।
सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर परिसर दीपावली की रौनक में रंग गयी है। रोशनी के पर्व दीपावली की पूर्व संध्या पर श्री अयोध्याधाम की तर्ज पर सूर्य मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
मंदाकिनी तट दीपों से जगमगाया, भक्ति, प्रकाश और विकास का अद्भुत संगम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे आज कामदगिरि की परिक्रमा
गुजरात के सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के समक्ष श्री सोमनाथ तीर्थ की युगों-युगों की गौरवगाथा को उजागर करने वाला 3डी लाइट एंड साउंड शो, मानसून के विराम के बाद पुनः यात्रियों के लिए 19 अक्टूबर से शुरू किया जा रहा है।
रांची के हरमू रोड काली पूजा स्वागत समिति की ओर से इस बार 1101 महिलाएं एक रंग की साड़ी पहनकर मां काली की महाआरती करेंगी। इस वर्ष समिति अपना 37वां स्थापना उत्सव मना रही है। पूजा पंडाल नशामुक्त समाज का संदेश देगा।
मंदिर समिति के अनुसार, इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये की नकदी और आभूषणों से मंदिर को सजाया गया है। दीपोत्सव के पांच दिन पूरे होने के बाद यह सारा धन और आभूषण “प्रसादी” के रूप में दाताओं को लौटा दिया जाएगा। परंपरा के मुताबिक अब तक यहां से एक रुपये का भी हेरफेर नहीं हुआ है।
गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी सान्निध्य में पंच दिवसीय दीपोत्सव के अंतर्गत रूप चतुर्दशी, रविवार, 19 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से नि:शुल्क महालक्ष्मी-गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दरबार में खुला श्रद्धा का खजाना,दरबार में दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु आस्था की पराकाष्ठा,माता के दर्शन के लिए एक दिन पहले से ही महिलाओं ने लगाई कतार - काशी पुराधिपति महादेव को भी अन्नदान देने वाली अन्नपूर्णेश्वरी का दर्शन् कर श्रद्धालु आह्लादित
संपादकगण, पूर्व में इसी शीर्षक (आज धनतेरस पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग का विशेष संयोग, इस बार छह दिन चलेगा दीप पर्व) से क्रमांक संख्या 18HNAT1 के तहत जारी समाचार में नवंबर के स्थान पर अक्टूबर कर लें। या पूर्व में जारी समाचार के स्थान पर इस खबर का उपयोग करे
इस वर्ष दीपावली का पर्व पांच नहीं बल्कि छह दिनों तक चलेगा। दीपोत्सव की शुरुआत आज धनतेरस से होगी। इस बार पितृ कार्य की अमावस्या 21 नवंबर को पड़ने से पर्वों का क्रम एक दिन आगे बढ़ गया है।
असम के बिजनी में आयोजित ऐतिहासिक रोजादिनिया श्रीश्री लक्ष्मी पूजा और मेला इस वर्ष अपने 134वें वर्ष में प्रवेश कर गया। परंपरानुसार इस बार भी भव्य रूप में आयोजित इस पूजा में हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए और माता लक्ष्मी के दर्शन कर समृद्धि की कामना की।
पश्चिम मेदिनीपुर की हरियाली में छुपा है एक अद्भुत स्थान — जहां प्रकृति, आस्था और इतिहास एक साथ सांस लेते हैं। खड़गपुर से केशपुर की ओर जाती पथरीली सड़क पर, लगभग 38 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद एक मोड़ आता है






















































