भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में फूटा जमीन विवाद का दर्द, उप मुख्यमंत्री बोले-भूमाफियाओं की बनाएं सूची, करें कार्रवाई
पटना/मुंगेर, मुंगेर के प्रेक्षागृह में शनिवार को आयोजित भूमि
सुधार जनकल्याण संवाद में जमीन विवादों को लेकर लोगों का दर्द खुलकर सामने
आया। कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री सह मंत्री राजस्व एवं भूमि
सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा के सामने एक के बाद एक शिकायतों की झड़ी लग
गई। सबसे ज्यादा शिकायतें पुश्तैनी (खतियानी) जमीन पर कब्जा, फर्जी कागजात
के जरिए बेदखली और फसल लूट से जुड़ी रहीं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि
वर्षों से दखल-कब्जा होने के बावजूद अचानक कुछ लोग कागज दिखाकर जमीन खाली
करने का दबाव बना रहे हैं।
फसल काटकर ले गए, पुलिस ने भी नहीं सुनी
संवाद
के दौरान एक पीड़ित ने बताया कि वह अपनी जमीन पर खेती करने गया था, लेकिन
दबंगों ने रोक दिया। बाद में जब फसल तैयार हुई तो उसे काटकर ले जाया गया।
पीड़ित का आरोप था कि थाने गए तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा गया कि मामला
ऊपर का है।
6 माह से लंबित मामलों पर उठे सवाल
कई लोगों ने
बताया कि उनके जमीन से जुड़े केस 5 से 6 महीने से लंबित हैं। केस नंबर होने
के बावजूद न तो जांच पूरी हो रही है और न ही आदेश का पालन। इस पर उप
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा।
एडीएम के आदेश के बाद भी कब्जा नहीं
संवाद
में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में प्रशासनिक आदेश (एडीएम स्तर से)
पीड़ितों के पक्ष में होने के बावजूद जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया। उल्टे
दबंगों ने फसल तक काट ली।
भू-माफियाओं पर सख्ती के निर्देश
विजय
कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आदेशों का तत्काल पालन कराया जाए।
भू-माफियाओं की पहचान कर सूची बनाई जाए। दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर
कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व कर्मियों पर भी सवाल
पीड़ितों ने अंचल स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा कि जानबूझकर मामलों को लटकाया जा रहा है।
एक सप्ताह में निपटारे का भरोसा
उप
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर मामलों का एक सप्ताह
के भीतर निपटारा करें और मौके पर जाकर जांच सुनिश्चित करें।















