कटिहार,  स्थानीय शिव मंदिर चौक स्थित गणपति पंडाल में बप्पा को मखाना से निर्मित पौष्टिक लड्डू और जलेबी का विशेष भोग लगाया गया। इस दौरान पूजा-अर्चना करने पहुंचे सदर एसडीएम सूरज कुमार एवं जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने मखाना उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और इनकी बड़े पैमाने पर मार्केटिंग को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की। अधिकारियों ने प्रसाद ग्रहण कर महिलाओं के इस नवाचार की सराहना की।

अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्विगी पर बिक्री के दिए टिप्स

सदर एसडीएम सूरज कुमार ने कहा कि ग्रामीण महिला समूहों द्वारा तैयार मखाना उत्पादों को स्थानीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ले जाने की जरूरत है। उन्होंने फ्लिपकार्ट, अमेजन और स्विगी के जरिए इन उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के व्यावहारिक सुझाव दिए। एसडीएम ने जोर दिया कि आकर्षक पैकेजिंग, सख्त गुणवत्ता नियंत्रण, बेहतर ब्रांडिंग और सही मूल्य निर्धारण के जरिए कटिहार के मखाना उत्पादों को देशव्यापी पहचान और बड़ा बाजार दिलाया जा सकता है।

जटा एफपीओ के सहयोग से महिलाओं ने तैयार किए उत्पाद

पंडाल में आकर्षण का केंद्र बने मखाना लड्डू और जलेबी का निर्माण 'जटा एफपीओ' के सहयोग से कोढ़ा प्रखंड के मुसापुर गांव की महिला समूहों ने किया है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

सुपरफूड के जरिए आय बढ़ाने की कवायद

बिहार का प्रमुख कृषि उत्पाद मखाना अपनी पौष्टिकता के कारण विश्व स्तर पर 'सुपरफूड' के रूप में उभर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मखाना का वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) कर लड्डू और जलेबी जैसे उत्पाद तैयार करने से न केवल स्थानीय किसानों को उपज का बेहतर दाम मिलेगा, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।