बिना सर्वे के हो रहा पीसीसी सड़क और नाला निर्माण, मुख्य मार्ग का पानी सहायक सड़कों में घुसने से शहरवासी बेहाल
भागलपुर, भागलपुर
नगर निगम के विभिन्न वार्डों में इन दिनों मुख्यमंत्री शहरी नाली-गली
पक्कीकरण निश्चय योजना, मलीन बस्ती मद योजना और नगर निगम मद के तहत करोड़ों
रुपये की लागत से पीसीसी सड़क और आरसीसी नाला निर्माण का कार्य तेजी से
कराया जा रहा है।
शासन का उद्देश्य भले ही शहरवासियों को जलजमाव से
मुक्ति दिलाना है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही
है। बिना किसी वैज्ञानिक सर्वे और लेवलिंग के हो रहे इन निर्माण कार्यों के
कारण शहर में कृत्रिम बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
पानी के
प्राकृतिक बहाव की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता को जलजमाव के
नरक से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। स्थानीय मोहल्लों का दौरा करने पर
निर्माण कार्य की एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आ रही है।
शहर की
मुख्य सड़कों और मुख्य नालों को बिना किसी दूरगामी योजना के काफी ऊंचा उठा
दिया गया है। इसके विपरीत, मोहल्लों को जोड़ने वाली सहायक सड़कें और संपर्क
मार्ग मुख्य मार्ग की अपेक्षा काफी नीचे रह गए हैं। इसका नतीजा यह हो रहा
है कि बारिश होने पर मुख्य सड़क का पूरा पानी प्राकृतिक रूप से बहकर सहायक
मार्गों और निचली गलियों में प्रवेश कर रहा है।
कमोबेश यही स्थिति
नालों की भी है। मुख्य नाले ऊंचे होने के कारण सहायक गलियों के छोटे नालों
का पानी मुख्य नाले में गिर ही नहीं पा रहा है और बैक मारकर लोगों के घरों
के सामने जमा हो रहा है। वार्डों के जागरूक नागरिकों और विशेषज्ञों का साफ
तौर पर कहना है कि ठेकेदारों और विभागीय इंजीनियरों की मिलीभगत से बिना
किसी ड्रेनेज सर्वे के ही सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। निर्माण के
समय इस बात का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा कि संबंधित क्षेत्र की
भौगोलिक बनावट कैसी है और पानी का प्राकृतिक ढलान किस ओर है।
सिर्फ
कागजी खानापूर्ति और आनन-फानन में योजना को जमीन पर उतारने की होड़ मची
है, जिसका खामियाजा टैक्स भरने वाली आम जनता भुगत रही है। वर्तमान में
भागलपुर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री
शहरी नाली-गली पक्कीकरण निश्चय योजना के तहत वार्डों के आंतरिक रास्तों को
पक्का करने और नाली निर्माण का प्रावधान है। वहीं शहर को जलजमाव से स्थायी
राहत देने के लिए बुडको द्वारा भी कुछ वार्डों में बड़े आरसीसी नालों और
पीसीसी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे तकनीकी मंजूरी मिली है।
बिना
ढलान और बिना आउटलेट के बन रहे इन नालों और पीसीसी सड़कों को लेकर शहर के
वार्ड 34, 39, 40 और 50 के स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का
कहना है कि विकास के नाम पर उनके मोहल्लों को जानबूझकर टापू में बदला जा
रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से मांग की है कि
वर्तमान में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए और पानी
के प्राकृतिक बहाव को सुनिश्चित करने के लिए सड़कों व नालों के लेवल को
दुरुस्त किया जाए।












