भागलपुर में हर्षोल्लास के साथ मना रक्षाबंधन, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी स्नेह की डोर
भागलपुर, भागलपुर शहरी क्षेत्र सहित पूरे जिले में भाई-बहन के
अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास, पारंपरिक
श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में उत्सव का
माहौल रहा। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर, आरती उतारी और उनकी
कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं,
भाइयों ने भी बहनों को रक्षा का वचन देते हुए खूबसूरत उपहार भेंट किए।
त्योहार
को लेकर बाजारों में सुबह से ही मिठाई और राखी की दुकानों पर भारी भीड़
देखी गई। इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया होने के कारण सुबह के समय
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त नहीं था। इसे लेकर शहर के प्रसिद्ध
ज्योतिषाचार्य और पंडित आनंद झा ने बताया, "शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल
में राखी बांधना वर्जित माना जाता है। इस वर्ष भद्रा की उपस्थिति के कारण
दोपहर तक शुभ कार्य रोक दिए गए थे। दोपहर 01:30 बजे भद्रा समाप्त होने के
बाद ही राखी बांधने का शुद्ध और सर्वोत्तम मुहूर्त शुरू हुआ।
उन्होंने
आगे कहा, "दोपहर बाद से शुरू हुआ यह शुभ समय पूरी रात तक रहा, जिससे बहनों
को राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय मिला। सही मुहूर्त में दी गई दुआएं और
बांधा गया रक्षा सूत्र भाई के जीवन में आने वाले सभी संकटों को दूर करता
है और समृद्धि लाता है। उत्सव के कारण सड़कों और सार्वजनिक वाहनों में खासी
भीड़ देखी गई।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर अपनी बहनों के घर
जाने वाले भाइयों और भाइयों के घर जाने वाली बहनों की भारी आवाजाही रही।
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा
त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।














