सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ बिहारीलाल इंजीनियरिंग का आईपीओ, 14 अगस्त तक लगा सकते हैं बोली
नई
दिल्ली, मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, एलॉय
स्टील प्रोडक्ट्स और फोर्जिंग ब्लॉक्स बनाने वाली कंपनी बिहारी लाल
इंजीनियरिंग लिमिटेड का 301.62 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के
लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 17 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि
18 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी
के शेयर 19 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन ही इस
आईपीओ को 2.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिल गया।
इस आईपीओ में बोली लगाने
के लिए 271 रुपये से लेकर 285 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया
है, जबकि लॉट साइज 52 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम
एक लॉट यानी 52 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,820
रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स 1,92,660 रुपये के
निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 676 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ
के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,05,83,158 शेयर जारी हो रहे हैं।
इनमें लगभग 93 करोड़ रुपये के 32,63,157 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि
लगभग 209 करोड़ रुपये के 73,20,001 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के
जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल
बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके
अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 37.10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल
इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.90 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के
लिए एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर
बनाया गया है। वहीं एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार
बनाया गया है।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड की वित्तीय स्थिति
की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा राए गए ड्राफ्ट
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी
वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को
35.79 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में
बढ़ कर 52.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26
में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 64.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस
दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष
2023-24 में इसे 449.96 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त
वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 516.30 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 546.52 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त
हुआ। इस अवधि में कंपनी के कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त
वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 41.21 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो
वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 7.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले
वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़
कर 17.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के
नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 193.66 करोड़ रुपये
के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 241.62 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 306.10 करोड़
रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस
अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष
2023-24 में ये 186.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 233.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर
267.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए
(अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन)
2023-24 में 60.99 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 81.31
करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का
ईबीआईटीडीए उछल कर 101.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।















