नई दिल्ली,  सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और शेल एनर्जी इंडिया प्रा.लि. ने गहरे समुद्र में तेल एवं गैस की खोज और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की खरीद में साझा अवसरों की तलाश के लिए एक गैर-बाध्यकारी सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कंपनी ने सोमवार को एक बयान में बताया कि समझौते में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग शामिल है। इसके तहत सरकार की मुक्त क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के 10वें और 11वें दौर के साथ ही भविष्य की नीलामी प्रक्रियाओं में भी दिए जाने वाले गहरे और बेहद गहरे समुद्री ब्लॉक में संयुक्त भागीदारी की संभावना तलाशी जाएगी।

ओएनजीसी ने एक्स पोस्ट में कहा कि दोनों कंपनियां ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत नए ब्लॉक के साथ ही ओएनजीसी के मौजूदा ओएएलपी ब्लॉक में हिस्सेदारी की खरीद-बिक्री के अवसरों पर भी विचार करेंगी। यह समझौता किसी भी कंपनी को किसी विशेष निवेश या परियोजना के लिए बाध्य नहीं करता है, बल्कि सहयोग के संभावित क्षेत्रों का मूल्यांकन करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है।

शेल एनर्जी के साथ यह समझौता भारत के गहरे समुद्र में खोज कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता लाने के ओएनजीसी के हालिया प्रयासों का हिस्सा है। इससे पहले अगस्त 2022 में ओएनजीसी ने भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर गहरे समुद्र में खोज के लिए एक्सॉनमोबिल के साथ एक शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

ओएनजीसी ने एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों के साथ भी गहरे समुद्र में तेल खोज के लिए सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने कहा कि समझौते का मकसद गहराई से खोज, मजबूत सहयोग और भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाना है।