तमिलनाडु और मिजोरम में एनआईए की 13 ठिकानों पर छापेमारी, 71 लाख रुपये और विदेशी मुद्रा बरामद
नई
दिल्ली, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नवंबर 2024
में अंडमान सागर के निकट एक म्यांमार की नाव से 6016.87 किलोग्राम
मेथामफेटामाइन बरामदगी के मामले में बुधवार को तमिलनाडु और मिजोरम में 13
ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एनआईए की टीमों ने तमिलनाडु में आठ
और मिजोरम में पांच स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई डिजिटल
उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
एनआईए
के अनुसार, तलाशी के दौरान चेन्नई में 71 लाख रुपये, 53,500 अमेरिकी डॉलर
और 1.50 लाख म्यांमार क्यात बरामद किए गए। इसके अलावा मिजोरम के चम्फाई से
22.38 लाख रुपये और आइजोल स्थित एक ठिकाने से 20.73 लाख रुपये बरामद हुए।
एजेंसी इन बरामदगियों और जब्त डिजिटल उपकरणों के जरिए मादक पदार्थों की
तस्करी से जुड़े व्यापक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
मामला
नवंबर 2024 में उस समय सामने आया था, जब बंगाल की खाड़ी में बैरन द्वीप के
पास एक म्यांमार की नाव से भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन के साथ सैटेलाइट
फोन और अन्य सामान बरामद किया गया था। इस संबंध में अंडमान एवं निकोबार
पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस ने छह म्यांमार नागरिकों को गिरफ्तार
किया था। इनके खिलाफ मादक पदार्थ और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 तथा
विदेशी अधिनियम, 1946 की संबंधित धाराओं के तहत 27 मार्च 2025 को आरोपपत्र
दाखिल किया गया था।
इसके बाद एनआईए ने 11 अगस्त 2025 को मामले की
जांच अपने हाथ में लेते हुए इसे दोबारा दर्ज किया। जांच में मादक पदार्थ और
मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, विदेशी अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां
(रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी
फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआईए की बुधवार की कार्रवाई का
उद्देश्य इस मामले से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की
कड़ियों को खंगालना और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।
एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद मेथामफेटामाइन की खेप
का संबंध किन अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से था।
एनआईए ने कहा कि
तलाशी के दौरान मिले डिजिटल उपकरणों से मामले में शामिल लोगों के बीच
संपर्क, वित्तीय लेनदेन और तस्करी नेटवर्क से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण
जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। एजेंसी नेटवर्क में शामिल अन्य
संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच कर रही है।















