तमिलनाडु में सियासी उलटफेर, टीवीके को बढ़त, 1977 के बाद बड़े राजनीतिक परिवर्तन की संभावना
चेन्नई, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे तेजी से सामने आ रहे
हैं। शुरुआती रुझानों में अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम
(टीवीके) लगातार बढ़त बनाए हुए है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य में
बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और एम. जी. रामचंद्रन के बाद
पहली बार एक ही चुनाव में सत्ता परिवर्तन संभव माना जा रहा है।
मतगणना
के शुरुआती दौर से ही टीवीके बढ़त में बनी हुई है। करीब पांच दशकों से
तमिलनाडु की राजनीति पर प्रभुत्व रखने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक)
और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) जैसी प्रमुख
पार्टियां इस बार पीछे नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि अपने पहले ही चुनाव
में टीवीके ने इन स्थापित दलों को कड़ी चुनौती दी है।
अब तक के
रुझानों के अनुसार, तमिलगा वेत्री कषगम 109 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं,
अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 57 सीटों
पर और द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन 49 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके
अलावा पीएमके पांच और कांग्रेस चार सीटों पर आगे है।
इन रुझानों के
आधार पर 1977 के बाद तमिलनाडु में एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन की संभावना
जताई जा रही है। यदि यह रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो विजय के नेतृत्व
में सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है। करीब 60 वर्षों बाद ऐसा हो सकता
है कि राज्य में द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी सत्ता में आए।
गौरतलब
है कि एम. जी. रामचंद्रन ने एक ही चुनाव में सत्ता परिवर्तन कर इतिहास रचा
था। अब लगभग 49 साल बाद 2026 में विजय उसी तरह का राजनीतिक बदलाव करते नजर
आ रहे हैं। इस चुनाव में द्रमुक के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी पीछे चल
रहे हैं, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
द्रमुक, जो लगातार
दूसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी, फिलहाल तीसरे स्थान पर
खिसकती दिख रही है। वहीं, सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही अन्नाद्रमुक
दूसरे स्थान पर बनी हुई है।
द्रविड़ दलों के विकल्प के रूप में उभरी
टीवीके अधिकांश सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर, नाम तमिलर कच्ची सभी
सीटों पर पीछे चल रही है और अब तक किसी भी सीट पर बढ़त हासिल नहीं कर सकी
है।-















