गोविंददेवजी मंदिर में रक्षाबंधन की धूम: सुनहरी लप्पा पोशाक में सजे ठाकुरजी
जयपुर, श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार को शहर
के आराध्य देव ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी महाराज (श्री गोविंद धाम)
में रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर
ठाकुर श्रीजी का विशेष शृंगार किया गया। मंदिर में दिनभर विभिन्न झांकियों
के दौरान भगवान के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़
उमड़ी रही।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक
रक्षाबंधन
उत्सव की शुरुआत सुबह मंगला झांकी के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ठाकुर
श्रीजी के पंचामृत अभिषेक से हुई। इसके बाद भगवान को पूर्णिमा के अवसर की
विशेष सुनहरी लप्पा जामा पोशाक धारण कराई गई। ठाकुरजी को पूर्णिमा का बड़ा
मुकुट, विशेष अलंकार और छड़ी भी धारण करवाई गई। सुनहरी पोशाक और विशेष
आभूषणों से सजा ठाकुरजी का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र
रहा।
कई प्रकार की राखियों से सजा दरबार
शृंगार झांकी के
दौरान श्रीमन्माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने ठाकुर
श्रीजी को विभिन्न प्रकार की राखियां अर्पित कर धारण कराईं। इनमें कलाबूत
की सुनहरी राखी, पवित्रा राखी, कच्चे सूत की राखी, रेशमी राखी, सफेद राखी
और विशेष फूलों की राखी प्रमुख रहीं। श्रद्धालुओं की ओर से भेंट की गई
विभिन्न राखियां भी ठाकुरजी को अर्पित की गईं। रक्षाबंधन के अवसर पर
संपूर्ण दरबार को भी आकर्षक राखियों से सजाया गया।
शृंगार आरती के बाद ठाकुर श्रीजी को चौगुनी लड्डू, कचौरी और मीठी मठरी का विशेष भोग लगाया गया।
ग्वाल झांकी में सजा दुर्लभ मोतियों का बंगला
सायंकाल
आयोजित ग्वाल झांकी में ठाकुर श्रीजी के लिए भव्य और दुर्लभ मोतियों का
बंगला सजाया गया। बंगले की सजावट में मोतियों का विशेष प्रयोग किया गया। इस
अवसर पर ठाकुर श्रीजी को मोतियों से निर्मित कलात्मक पोशाक पहनाई गई तथा
मोती-अलंकारों से शृंगार किया गया। मोती-जरी से सुसज्जित विशेष मुकुट भी
धारण कराया गया।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मंदिर में सुबह से ही
श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। विभिन्न झांकियों में ठाकुरजी के मनोहारी
स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। विशेष पोशाक,
राखियों से सजा दरबार और सायंकाल का मोतियों का बंगला पूरे दिन श्रद्धालुओं
के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।














