13 फरवरी को विजय एकादशी, जानिए इस दिन व्रत-पूजा करने का ख़ास महत्व
रांची (RANCHI): विजय एकादशी वर्ष में पड़ने वाली 24 एकादशी में से एक है. यह फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ती है. ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी के व्रत से विजय, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है. इस वर्ष यह एकादशी 13 फरवरी, 2026 को मनाई जाएगी. एकादशी 12 फरवरी को दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी को दोपहर 2:25 बजे समाप्त होगी. आइए आपको शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में बताते हैं.
विजया एकादशी मुहूर्त 2026
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:17 बजे से प्रातः 06:08 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:12 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:00 बजे से शाम 07:48 बजे तक
विजय एकादशी पारणा समय 2026
14 फरवरी को विजय एकादशी व्रत के लिए पारणा का समय सुबह 7:00 बजे से 9:14 बजे तक रहेगा। इस शुभ समय में आप भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद अपना व्रत तोड़ सकते हैं.
विजय एकादशी व्रत की विधि
- विजय एकादशी से एक दिन पहले, किसी पवित्र स्थान पर वेदी बनाएं और उस पर सात अनाज रखें.
- विधान के अनुसार कलश स्थापित करें.
- एकादशी के दिन, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें.
- स्थापित कलश में पंचपल्लव स्थापित करें और उसमें भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें.
- इसके बाद, धूप, दीपक, चंदन, फल, फूल, मिठाई और तुलसी आदि से भगवान विष्णु की उपासना करें.
- पूजा के दौरान विजय एकादशी की कथा अवश्य पढ़ें.
- भगवान के मंत्रों का जाप करें.
- रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण करें.
- इसके बाद, अगले दिन फिर से भगवान विष्णु की उपासना करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान दें.
- फिर व्रत तोड़ें.