नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। AI कंपनी Anthropic ने सितंबर 2026 की अपनी नई Threat Intelligence रिपोर्ट में बताया है कि साइबर अपराधियों और अन्य खतरा पैदा करने वाले समूहों ने उसके AI मॉडल Claude का इस्तेमाल वास्तविक साइबर ऑपरेशनों में करने की कोशिश की। कंपनी के अनुसार, उसने ऐसी कई गतिविधियों की पहचान कर उन्हें बाधित किया और संबंधित अकाउंट्स पर कार्रवाई की।

AI का इस्तेमाल सिर्फ सलाह लेने तक सीमित नहीं

Anthropic के मुताबिक, सामने आए मामलों में AI का उपयोग केवल साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछने या कोड तैयार कराने तक सीमित नहीं था। कुछ अभियानों में AI को ऐसे workflows और multi-agent frameworks के साथ जोड़ा गया, जिनका इस्तेमाल reconnaissance, exploitation, credential harvesting, data processing और data exfiltration जैसे चरणों में किया गया।

रिपोर्ट में दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच सामने आए मामलों का विश्लेषण किया गया है। Anthropic ने बताया कि इन मामलों में Claude के Haiku, Sonnet और Opus मॉडल इस्तेमाल किए गए थे। कंपनी का कहना है कि उसने प्रत्येक मामले में संबंधित गतिविधियों को बाधित करने, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और जरूरत के अनुसार अधिकारियों तथा उद्योग साझेदारों के साथ जानकारी साझा करने की कार्रवाई की।

कम विशेषज्ञता वाले हमलावर भी बढ़ा सकते हैं क्षमता

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि AI ने साइबर हमलों के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधनों की बाधा को कम किया है। Anthropic के अनुसार, अब अपेक्षाकृत छोटे समूह भी AI की मदद से ऐसे काम करने की कोशिश कर सकते हैं, जिनके लिए पहले अधिक विशेषज्ञता और मानव संसाधन की जरूरत होती थी।

कंपनी ने बताया कि AI का प्रभाव साइबर हमले के अलग-अलग चरणों में दिखाई दे रहा है—जैसे लक्ष्य की जानकारी जुटाना, टूल विकसित करना, कमजोरियों पर शोध करना और चोरी किए गए डेटा को व्यवस्थित करना।

AI एजेंट्स के जरिए ऑटोमेशन की चिंता

रिपोर्ट में AI के अधिक स्वायत्त इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण ट्रेंड बताया गया है। कुछ मामलों में threat actors ने कई AI agents को एक साथ इस्तेमाल कर अलग-अलग काम समानांतर रूप से कराने की कोशिश की।

Anthropic के अनुसार, कुछ अभियानों में AI-driven workflows का इस्तेमाल साइबर टूल्स को विकसित करने, phishing infrastructure तैयार करने और सुरक्षा प्रणालियों द्वारा पकड़े जाने के बाद malware में बदलाव करने जैसे कार्यों के लिए किया गया।

हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभियानों में महत्वपूर्ण निर्णयों—जैसे लक्ष्य का चयन और प्राप्त परिणामों की समीक्षा—में इंसानों की भूमिका बनी रही। इसलिए रिपोर्ट में AI autonomy और वास्तविक नुकसान को एक ही चीज नहीं माना गया है।

सरकारों और कंपनियों को बनाया गया निशाना

Anthropic की जांच में सामने आए अभियानों में सरकारी संस्थानों, रक्षा और खुफिया संगठनों, दूतावासों, थिंक टैंक्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों और अन्य संस्थाओं को निशाना बनाने की कोशिशों का उल्लेख है।

एक मामले में यूक्रेन और यूरोप से जुड़े सरकारी तथा रक्षा क्षेत्र के संगठनों के साथ ड्रोन टेक्नोलॉजी की सप्लाई चेन से जुड़े संगठनों को भी लक्ष्य बनाए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

साइबर अपराध के साथ AI एक्सेस भी बना निशाना

रिपोर्ट में AI ecosystem को निशाना बनाने वाली गतिविधियों का भी उल्लेख है। Anthropic के अनुसार, कुछ अपराधियों ने चोरी किए गए API keys और session tokens के जरिए AI सेवाओं तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की।

कंपनी ने यह भी बताया कि कुछ फर्जी AI सेवा प्रदाता वेबसाइटों के जरिए उपयोगकर्ताओं को ऐसे software डाउनलोड कराने की कोशिश की गई, जो वास्तव में credentials और authenticated session tokens चुराने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।

Anthropic ने उठाए सुरक्षा कदम

Anthropic का कहना है कि उसने संबंधित अकाउंट्स को प्रतिबंधित किया, नए detection mechanisms विकसित किए और अन्य कंपनियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ indicators और threat intelligence साझा की।

कंपनी ने इससे पहले भी AI-enabled cyber threats पर शोध प्रकाशित किया है। जून 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में Anthropic ने मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच malicious cyber activity से जुड़े 832 accounts का विश्लेषण किया था।

क्यों महत्वपूर्ण है यह रिपोर्ट?

AI की क्षमता बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा का खतरा केवल बेहतर malware बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। AI आधारित automation हमलावरों को बड़े पैमाने पर जानकारी जुटाने, अलग-अलग तकनीकों को जोड़ने और कुछ प्रक्रियाओं को तेज करने में मदद कर सकता है।

यही कारण है कि AI कंपनियों के सामने अब दोहरी चुनौती है—AI को उपयोगी और शक्तिशाली बनाना तथा उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना।

Anthropic की सितंबर 2026 की रिपोर्ट इसी बदलते परिदृश्य की ओर संकेत करती है, हालांकि इसमें वर्णित मामले कंपनी द्वारा पहचाने और बाधित किए गए विशिष्ट मामलों का चयन हैं; इन्हें पूरे AI ecosystem में साइबर दुरुपयोग की कुल मात्रा का प्रत्यक्ष माप नहीं माना जाना चाहिए।