ढाका (बांग्लादेश),  हिंदू समुदाय के सबसे बड़े त्योहार शारदीय नवरात्रि का आज मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ समापन हो जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन के माध्यम से देवी दुर्गा कैलाश पर्वत पर लौट जाएंगी। इस वर्ष पूरे देश में 33,165 मंडप सजाए गए। इन मंडपों में मंगलवार को धूमधाम से महानवमी मनाई गई।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी ढाका में आज देवी की मूर्तियों के विसर्जन को देखने के लिए हजारों लोग बुरिगंगा नदी के तट पर इकट्ठा होंगे। भक्त देवी दुर्गा के साथ लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिकेय और गणेशजी की मूर्तियों का विसर्जन करके उन्हें विदाई देंगे और अगले साल उनके फिर से आने की कामना करेंगे।

दशमी पूजा के मुख्य अनुष्ठानों के तहत महिलाएं मंडपों और मंदिरों में देवी दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित करेंगी।, इसे पारंपरिक रूप से "सिंदूर खेला" कहा जाता है। इसके बाद महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाएंगी और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। यह देवी दुर्गा की शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है। इससे पहले मंगलवार को देशभर के पूजा मंडपों में महानवमी मनाई गई।