बेरूत (लेबनान),  लेबनान में इस समय ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह और इजराइल की सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इजराइल ने रविवार को पूरे दिन हिजबुल्लाह के प्रमुख गढ़ों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इसके जवाब के लिए हिजबुल्लाह ने रात का समय चुना। आधीरात गुजर जाने के बाद अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार एक जून को करीब एक बजे हिजबुल्लाह ने इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) पर रॉकेट और तोप के गोले दागे। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के लिए अपराजेय माने जाने वाले ब्यूफोट पर कब्जा कर उसे तगड़ी चुनौती दी है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में रविवार को आईडीएफ ने 36 से ज्यादा हमले किए। इन हमलों में कम से कम 12 लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए। टायर जिले के अल-अब्बासियेह शहर पर हमले में चार लोगों की जान चली गई।


डेर अल-जहरानी के हाय अल अरब इलाके पर हमलों में आठ लोग मारे गए और 19 अन्य घायल हो गए। अनेक रिहायशी घर तबाह हो गए। जदीदत अंसार इलाके पर हमले में दो बच्चों सहित तीन लोग घायल हो गए। ओडाइसेह में एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर कर किए गए हमले में तीन लोग घायल हो गए। टायर में हिराम अस्पताल के पास हमले में 13 मेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के सदस्य घायल हो गए।

रिपोर्ट के अनुसार इजराइली सैनिकों ने लेबनान में एक रणनीतिक पहाड़ पर कब्जा कर लिया है। इसके शिखर पर क्रूसेडरों का किला ब्यूफोर्ट है। ब्यूफोर्ट को यूनेस्को संरक्षित और विरासत स्थल घोषित कर चुका है। इस पर इजराइल का 2000 में पीछे हटने से पहले 18 वर्ष तक कब्जा रहा है।

हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना पर हमलों का दावा किया है। आतंकवादी समूह का कहना है कि उसके लड़ाकों ने सोमवार को स्थानीय समय अनुसार सुबह 1 बजे (रविवार को 22:00 जीएमटी) दक्षिणी लेबनान के योहमोर अल-शकीफ शहर के पूर्वी बाहरी इलाकों में इजराइली सेना पर बड़ी संख्या में रॉकेट और तोप के गोले दागे। समूह ने कहा कि यह हमला इजरायल के संघर्ष विराम के उल्लंघन और गांवों पर हमलों के जवाब में किया गया। इस बीच बताया गया है कि अब इजराइली सेना लिटानी नदी के भी आगे तक पहुंच गई है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को लेबनान में और आगे बढ़ने का आदेश दिया है। फ्रांस ने इस घटनाचक्र पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। बताया गया है कि इजराइली सेना ने दक्षिणी सीरिया के कुनेत्रा और डेरा प्रांतों के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया। वहां अस्थायी चौकियां बनाईं। आम नागरिकों और वाहनों की तलाशी ली और फिर वहां से वापस लौट गई।