काठमांडू,  नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज नगरपालिका में दो समूहों के बीच हुई झड़प और उसके बाद पैदा हुए तनाव में बड़े पैमाने पर भौतिक क्षति हुई है। जिला पुलिस कार्यालय, सुनसरी द्वारा जुटाए गए प्रारंभिक विवरण के अनुसार हिंसा में 112 घरों और अन्य भौतिक संरचनाओं तथा 61 वाहनों को नुकसान पहुंचा है।

पुलिस के मुताबिक, यह विवाद 25 जुलाई की शाम बोलबम यात्रा पर निकल रहे हिन्दू कांवरिया पर मुसलमानों के समूह द्वारा किए गए हमले के बाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद दो समूहों के बीच झड़प में बदल गया। इसके बाद कप्तानगंज सहित सुनसरी जिले के विभिन्न इलाकों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक प्रदर्शन हुए।

पुलिस के अनुसार, तोड़फोड़ और आगजनी से प्रभावित 112 घरों एवं अन्य संरचनाओं में 23 पक्के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। वहीं, 34 कच्चे मकानों में से 25 मकान आग लगने से पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। इसके अलावा 50 घर, दो मंदिरों, पांच अन्य संरचनाओं और एक ईंट-भट्ठे को भी तोड़फोड़ और आगजनी से नुकसान पहुंचा है। हिंसा के दौरान 61 वाहनों को भी क्षति पहुंची है। इनमें 44 दोपहिया और पांच चारपहिया वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद पैदा हुए तनाव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुनसरी के विभिन्न स्थानों पर 52 मोटरसाइकिल और स्कूटर, आठ सिटी सफारी तथा चार चारपहिया वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की।

जिला पुलिस प्रमुख एसपी पुष्पराज मल्ल ने बताया कि हिंसा में हुई क्षति का विस्तृत विवरण जुटाने का काम अभी जारी है। क्षति से संबंधित शिकायतें प्राप्त करने और उपलब्ध विवरण का सत्यापन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।

कप्तानगंज के नया हटिया इलाके में 25 जुलाई की शाम हुई हिंसक घटना के दौरान गोली लगने से स्थानीय युवकों ओमप्रकाश मेहता, जयप्रकाश मेहता और रवीन्द्र मेहता की मौत हो गई थी। इस घटना में कुल 40 लोग घायल हुए थे। इनमें से 12 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि 25 लोग उपचार के बाद अपने घर लौट चुके हैं।

घटना की जांच के लिए गठित समिति का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने सहसचिव भूपेन्द्र थापा के नेतृत्व वाली जांच समिति का कार्यकाल गुरुवार को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 26 जुलाई 2026 को समिति का गठन करते हुए उसे जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

समिति अब हिंसा के कारणों, घटनाक्रम, गोलीबारी, जान-माल की क्षति और उसके बाद पैदा हुए तनाव की परिस्थितियों की विस्तृत जांच करेगी। सरकार की ओर से समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है।

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