रियाद,  सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के देश के महत्वपूर्ण शहरों में से एक को निशाना बनाने के प्रयास को विफल कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि खमीस मुशैत शहर की तरफ दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही सफलतापूर्वक रोककर तबाह कर दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं।

गल्फ न्यूज, अल जजीरा और अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में वैध सरकार को बहाल करने के लिए बने सऊदी नीत गठबंधन ने इस खतरनाक हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइलों के हवा में नष्ट होने के कारण इनके कुछ टुकड़े आसपास की इमारतों और वाहनों पर गिरे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में ले लिया और स्थिति का जायजा लिया।

खमीस मुशैत दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब के असिर प्रांत में स्थित एक प्रमुख शहर है। यह शहर असिर प्रांत की राजधानी आभा से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। रियाद, जेद्दा, मक्का और मदीना के बाद यह सऊदी अरब का पांचवां सबसे बड़ा शहर माना जाता है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी का कहना है कि हूती विद्रोहियों ने सोमवार आधीरात बाद यमन की सीमा से खमीस मुशैत एयरबेस की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उन्हें रोककर नष्ट कर दिया गया।

इससे पहले सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने खमीस मुशैत के लिए संभावित खतरे के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी जारी की थी। गठबंधन के प्रवक्ता ने इस घटनाक्रम की जानकारी एक्स पोस्ट के माध्यम से दी। गठबंधन ने सोमवार को कहा था कि वह ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से किए गए हमले का जवाब दे रहा है। हूती ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को निशाना बनाया है।

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हूती हमलों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार और गुरुवार को हुए हमलों में चार लोग और रविवार को एक और व्यक्ति मारा गया। सोमवार को रियाद के बाहरी इलाके में स्थित इस बड़े हवाई अड्डे पर कामकाज बंद रहा।

अमेरिकी नागरिक हिरासत मेंः रियाद में अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब में हाल के हमलों के वीडियो बना रहे अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी संख्या नहीं बताई गई। दूतावास ने कहा कि अब अमेरिका के सरकारी कर्मचारियों को सऊदी अरब में किसी भी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने से पहले उससे मंजूरी लेनी होगी।

70 देशों ने हमले की निंदा कीः सऊदी अरब के अधिकारियों ने बताया कि इस्लामिक मामलों के मंत्री अब्दुल लतीफ अल-शेख को 70 देशों के 176 मंत्रियों और विद्वानों के संदेश प्राप्त हुए हैं। सभी ने हूती हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे मक्का और मदीना की दो पवित्र मस्जिदों, नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के सा। पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा हैं। सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती और वरिष्ठ विद्वानों की परिषद के अध्यक्ष सालेह बिन फौजान बिन अब्दुल्ला अल-फौजान ने इन हमलों को "सबसे बड़े अपराधों में से एक" बताया है।