रांची (RANCHI): ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के बंदरगाह शहर अदन के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर हमलाकर सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के सामने नई चुनौती पेश की है। हूती विद्रोहियों ने हमले में बैलिस्टिक मिसाइल और सुसाइड ड्रोन का प्रयोग किया, लेकिन इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया गया है कि सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद के उत्तर में एक मिसाइल को रोक भी दिया।


 "डॉन ऑफ़ यमन" ऑपरेशन 

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना का कहना है कि उन्होंने इलाके में पुनः नियंत्रण पाने के लिए शुरू किए गए "डॉन ऑफ़ यमन" ऑपरेशन के तहत ताइज के जबल हबाशी जिले की सबसे ऊंची चोटी पर अपना नियंत्रण सुदृढ़ कर लिया है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि हूती के कब्जे वाली राजधानी सना और सादा व अमरान प्रांत, सऊदी अरब के खिलाफ हूती मिसाइल हमलों के मुख्य स्रोत हैं।

उड्डयन मंत्रालय ने की हमले की निंदा 

यमन के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाने के लिए हूती की निंदा की है। मंत्रालय ने एक्स पर कहा कि यह "एक भयानक हमला" है। हमले से यात्रियों, कर्मचारियों और फ्लाइट क्रू की जान को खतरा पैदा हो गया। मंत्रालय ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।

हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का "गंभीर उल्लंघन" बताया गया

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के मानवाधिकार मंत्रालय ने भी हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि एक मिसाइल एयरपोर्ट के रन-वे के पास गिरी। इस वक्त काहिरा से यमेनिया एयरवेज की फ्लाइट 603 आम यात्रियों को लेकर वहां उतरने वाली थी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस हमले से सऊदी शहर जेद्दा के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्रियों के सामने संकट खड़ा हो गया। मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का "गंभीर उल्लंघन" बताया। मंत्रालय ने कहा कि इस हमले ने नागरिकों के जीवन, सुरक्षा और आने-जाने की आजादी के अधिकारों का उल्लंघन किया है, साथ ही यात्रा, इलाज और देश लौटने के एक अहम रास्ते को भी खतरे में डाला है।

राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ऐसे हमलों को रोकने के लिए दबाव बनाने की अपील

मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और नागरिक उड्डयन संस्थाओं से हमले की निंदा करने और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठाने का आग्रह किया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ऐसे हमलों को रोकने के लिए दबाव बनाने की अपील भी की गई।