धर्मतला हिंसा पर मंत्री अर्जुन सिंह का विपक्ष पर निशाना, बोले- "जिस भाषा में समझते हैं, उसी भाषा में जवाब मिलेगा"
कोलकाता, धर्मतला में शुक्रवार को नीट परीक्षा में कथित
अनियमितताओं के विरोध में निकाले गए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और
पत्रकारों पर हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल
के श्रम एवं परिवहन मंत्री तथा नोआपाड़ा के विधायक अर्जुन सिंह ने वामपंथी
दलों और उनके छात्र संगठनों पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
रविवार
को पानीहाटी विजयपुर सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के खूंटी पूजा कार्यक्रम
में शामिल होने पहुंचे अर्जुन सिंह से जब धर्मतला की घटना और कथित रूप से
वामपंथी छात्र संगठनों की भूमिका को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा
कि “सीपीएम यह न सोचे कि उसके अत्याचारों को लोग भूल गए हैं। वे देशविरोधी
गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। फिर मैदान में
आएं, हम उन्हें समझा देंगे। वे जिस भाषा में समझते हैं, उसी भाषा में जवाब
दिया जाएगा।”
मंत्री ने आगे दावा किया कि कुछ अतिवामपंथी तत्व
अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त
कार्रवाई की बात कही गई थी। अर्जुन सिंह ने कहा कि ऐसे तत्वों से कानून के
दायरे में सख्ती से निपटा जाएगा।
धर्मतला में पत्रकारों पर हमले का
जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के खिलाफ
गुंडा दमन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, “बाकी आरोपितों
की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगेंगी, यह भी सब
देखेंगे। यदि सीपीएम और उसके समर्थक हद से ज्यादा बढ़ेंगे, तो उन्हें इसका
जवाब मिलेगा। देश को तोड़ने की किसी भी साजिश को कैसे रोका जाता है, यह हम
जानते हैं।”
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नीट परीक्षा में कथित
प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित एक विरोध मार्च के दौरान धर्मतला के
डोरिना क्रॉसिंग पर हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों
पर हमले की घटनाएं सामने आईं। पुलिस अब तक इस मामले में 14 लोगों को
गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन में बाहरी तत्व शामिल
हो गए थे, जबकि एसएफआई और डीएसओ जैसे वामपंथी छात्र संगठनों ने घटना से
किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया है।
धर्मतला हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।













