रांची (RANCHI): द्वितीया की दोपहर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने श्रीभूमि की दुर्गा पूजा का उद्घाटन किया। इस बार पूजा कमेटी ने शुरुआत से ही एकता और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही है। स्थानीय लोग ही इस बार पूजा का प्रमुख चेहरा बने हैं। श्रीभूमि की गलियों से लेकर बैनर, पोस्टर और विज्ञापनों तक में कहीं भी पूर्व मंत्री सुजीत बसु की तस्वीर नजर नहीं आ रही है। एक समय में श्रीभूमि की पूजा को भव्यता के चरम पर रहने वाले पूर्व मंत्री फिलहाल जेल में हैं। पूजा से पहले घर लौटने की उनकी आखिरी कोशिश भी मंगलवार को नाकाम हो गई।

11 मई को हुई थी गिरफ़्तारी 

मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां न्यायाधीश ने पूर्व मंत्री की जमानत याचिका याचिका खारिज कर दी। नगर निकाय नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 मई को राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बसु को गिरफ्तार किया था। उस दिन लगभग साढ़े दस घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उन्होंने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

जांच एजेंसी का दावा, सुजीत बसु के बैंक खाते से मिले 8.8 करोड़ रुपये 

इस मामले में 12 अगस्त को जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय में दावा किया था कि नगर निकायों में 284 अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरियां दी गईं और इसके एवज में प्रत्येक उम्मीदवार से छह-छह लाख रुपये वसूले गए। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि सुजीत बसु के बैंक खाते से 8.8 करोड़ रुपये मिले हैं। उच्च न्यायालय में जांच अधिकारियों ने बताया कि केवल पूर्व मंत्री ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के खातों में भी करोड़ों रुपये जमा पाए गए, जिसका कोई वैध हिसाब या प्रामाणिक दस्तावेज वे पेश नहीं कर सके।

बसु से पहले बिचौलिए अयन शील की हुई थी गिरफ़्तारी 

नगर निकाय भ्रष्टाचार मामले में सुजीत बसु से पहले बिचौलिए अयन शील को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले ईडी ने अदालत को बताया था कि अयन शील से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि सुजीत बसु ने दक्षिण दमदम नगर पालिका में विभिन्न समय पर 152 लोगों की नौकरी के लिए सिफारिश की थी। इसी खुलासे के आधार पर उनसे पूछताछ की गई और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया।