लियोनेल मेसी कार्यक्रम मामले में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने बारासात अदालत में लगाई अग्रिम जमानत याचिका
कोलकाता, कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान कथित अव्यवस्था और अनियमितताओं से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को उन्होंने बारासात अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
मेसी के कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद में पुलिस पहले ही आयोजनकर्ता शतद्रु दत्त को गिरफ्तार कर चुकी थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। शतद्रु दत्त ने ही अरूप विश्वास समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर गत शनिवार को बिधाननगर दक्षिण थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरूप विश्वास के खिलाफ पांच धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें समान उद्देश्य के तहत अपराध, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं। प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी शतद्रु दत्त ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की थी। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक और राज्य पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता का आभार भी व्यक्त किया था।
शतद्रु दत्त का आरोप है कि अरूप विश्वास और प्रशासन के कुछ अधिकारियों की कथित गलतियों के कारण लियोनेल मेसी का कार्यक्रम पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। उनके अनुसार, बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों को स्टेडियम में प्रवेश करने दिया गया, जिसके कारण टिकट खरीदने वाले अनेक दर्शक मेसी की एक झलक तक नहीं देख सके। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भारी अव्यवस्था के बीच मेसी और उनके सहयोगियों को कार्यक्रम स्थल छोड़ना पड़ा।
युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई इस घटना को लेकर अरूप विश्वास की भूमिका शुरू से ही विवादों के केंद्र में रही है। मामले की जांच शुरू होने के बाद उन्होंने खेल मंत्री का पद भी छोड़ दिया था। पुलिस ने अदालत को बताया था कि लगभग 35 हजार दर्शकों ने मेसी को देखने के लिए टिकट खरीदे थे और टिकट बिक्री से करीब 19 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
राज्य में सत्ता परिवर्तन और भाजपा सरकार के गठन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।















