रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनावी प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड समेत कई राज्यों के लिए SIR का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में 20 सितंबर 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

20 सितंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

ECI के कार्यक्रम के मुताबिक झारखंड में SIR के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 20 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 20 सितंबर से 20 अक्टूबर 2026 तक का समय निर्धारित है। वहीं दावे-आपत्तियों के नोटिस, सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया 20 सितंबर से 18 नवंबर तक चलेगी।

इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 22 नवंबर 2026 को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम है। हालांकि चुनाव आयोग द्वारा कार्यक्रम में संशोधन किए जाने की स्थिति में नई तारीखें प्रभावी होंगी।

मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है SIR?

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची में शामिल नामों और विवरणों का सत्यापन किया जाता है।

ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता यह जांच सकेंगे कि उनका नाम सूची में मौजूद है या नहीं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है या किसी प्रविष्टि में गलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा अथवा सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।

नाम नहीं है तो क्या करें?

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार नए मतदाता के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है। मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने या किसी नाम के शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 और मौजूदा प्रविष्टि में सुधार, पता बदलने या EPIC से संबंधित बदलाव के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है।

मतदाता ऑनलाइन भी आवेदन और अपनी स्थिति की जानकारी देख सकते हैं। ECI के Voter Helpline और Voters' Services Portal के माध्यम से नाम खोजने, आवेदन की स्थिति देखने और मतदाता विवरण में बदलाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

BLO की भूमिका भी महत्वपूर्ण

SIR प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की भूमिका महत्वपूर्ण है। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में SIR से संबंधित प्रारंभिक प्रक्रिया जून-जुलाई में निर्धारित की गई थी। इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी और दावे-आपत्तियों के आधार पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी आवश्यक जांच और निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

30 सितंबर की तारीख को लेकर क्या है स्थिति?

कुछ सूचनाओं में 30 सितंबर 2026 को दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बताए जाने की बात सामने आ सकती है। लेकिन उपलब्ध ECI के आधिकारिक SIR कार्यक्रम में झारखंड के लिए दावे-आपत्तियों की अवधि 20 सितंबर से 20 अक्टूबर 2026 दर्ज है। इसलिए 30 सितंबर को अंतिम तारीख मानकर चलने से पहले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड या भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किसी नवीनतम संशोधित आदेश की जांच करना जरूरी है।

मतदाताओं को क्या करना चाहिए?

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद प्रत्येक मतदाता को अपना नाम और विवरण जरूर जांच लेना चाहिए। खासकर नाम, उम्र, पता, मतदान केंद्र और परिवार के सदस्यों की प्रविष्टियों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। किसी तरह की गलती या नाम नहीं होने की स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित दावा, आपत्ति या सुधार आवेदन दाखिल किया जा सकता है।

झारखंड में SIR का अगला बड़ा पड़ाव 20 सितंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन है। इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकेंगे।