हाईकोर्ट ने NTPC के अफसरों पर दर्ज FIR की रद्द, नौकरी के लालच में सज्जाद ने कराया था क्रिमिनल केस!
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने NTPC के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य आया कि शिकायतकर्ता सज्जाद ने कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर हुए विवाद के बाद NTPC के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था। मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने FIR को निरस्त करने का आदेश दिया। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता सज्जाद की ओर से NTPC के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया था। आरोपों में अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंचा और आरोपित अधिकारियों की ओर से FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला तथ्यों के अनुरूप नहीं है और मामले में उन्हें अनावश्यक रूप से आरोपी बनाया गया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने FIR में लगाए गए आरोपों, मामले की परिस्थितियों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार किया। अदालत के समक्ष यह भी तर्क रखा गया कि शिकायत के पीछे नौकरी दिलाने से जुड़ा विवाद था और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिन परिस्थितियों का सहारा लिया गया, वे FIR को जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने मामले के उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद NTPC के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में आरोपी बनाए गए NTPC के अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। FIR निरस्त होने के साथ ही उनके खिलाफ इस मामले में चल रही आपराधिक कार्रवाई पर भी प्रभाव पड़ा है। हालांकि, अदालत के आदेश की सटीक कानूनी स्थिति और उसमें दर्ज टिप्पणियों को समझने के लिए आदेश की पूरी प्रति का अध्ययन महत्वपूर्ण होगा। यह मामला नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाले विवादों और कथित ठगी के मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण है। सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे लेने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नौकरी के नाम पर किसी व्यक्ति या संस्था से संपर्क करते समय अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी की जांच करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के दावे पर भरोसा करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और भर्ती अधिसूचना से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। FIR रद्द किए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब यह आदेश इस बात को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि अदालत ने किन परिस्थितियों और कानूनी आधारों पर आपराधिक प्राथमिकी को निरस्त किया। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से NTPC के संबंधित अधिकारियों को राहत मिली है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और अदालत के आदेश में की गई टिप्पणियों को लेकर आगे की कानूनी स्थिति आदेश की विस्तृत प्रति से और स्पष्ट होगी।नौकरी दिलाने के नाम पर शुरू हुआ विवाद
हाईकोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों पर किया विचार
NTPC अधिकारियों को मिली राहत
नौकरी के नाम पर ठगी के मामलों पर भी सवाल
अदालत के आदेश के बाद मामले में नया मोड़
मुख्य बिंदु














