रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा से जुड़े मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को लेकर अहम जानकारी सामने आने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, श्वेता गुप्ता और उस्मान के बीच 674 बार फोन पर बातचीत हुई, जबकि श्वेता और सोनू के बीच 630 बार संपर्क किए जाने की बात सामने आई है। इन कॉल रिकॉर्ड को लेकर जांच के दायरे और संबंधित लोगों के बीच संपर्कों पर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, केवल कॉल की संख्या से किसी व्यक्ति की संलिप्तता या अपराध में भूमिका साबित नहीं होती। इसके लिए बातचीत का समय, कॉल की अवधि, संबंधित संदेशों और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है। मामले में इन संपर्कों का वास्तविक संदर्भ जांच एजेंसियों की पड़ताल और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड से क्या जानकारी मिली?

मामले से जुड़ी रिपोर्ट में श्वेता गुप्ता, उस्मान और सोनू के बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल होने का उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि श्वेता और उस्मान के बीच 674 कॉल तथा सोनू के साथ 630 बार बातचीत दर्ज की गई।

JPSC परीक्षा से संबंधित किसी भी कथित अनियमितता की जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किन लोगों के बीच कब और कितनी बार संपर्क हुआ था। हालांकि, सामान्य कॉल रिकॉर्ड से बातचीत की वास्तविक सामग्री अपने आप सामने नहीं आती।

जांच के दौरान इन कॉल का परीक्षा की तारीखों, कथित घटनाक्रम और संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों से मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।