टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय: अभाविप
पटना, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (टीआरई-4) के अभ्यर्थियों पर पटना में हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
अभाविप ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर प्रशासन द्वारा बल प्रयोग किया जाना अत्यंत चिंताजनक है। परिषद के अनुसार, लंबे समय से हजारों अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं और अपनी मांगों के समाधान के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया।
परिषद ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है। अभाविप का मानना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और छात्र को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है तथा छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से होना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई से।
अभाविप, दक्षिण बिहार के प्रांत मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर किया गया लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं कहा जा सकता।
अभाविप ने सरकार से मांग की कि अभ्यर्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं को राहत मिल सके। परिषद ने यह भी कहा कि वह छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष करती रहेगी।















