बजट सत्र : बिहार विधानसभा में पारा मेडिकल एएनएम, जीएनएम और फार्मेसी कोर्स में दाखिल छात्राओं का मामला उठा
पटना (PATNA): बिहार विधानमंडल में बजट सत्र के नौवें दिन शुक्रवार को 11 बजे कार्यवाही शुरु हुयी. बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होती है सदन में पारा मेडिकल एएनएम, जीएनएम और फार्मेसी कोर्स में दाखिल छात्राओं का मामला उठा.
जदयू विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सरकार से पूछा कि, 2023 -24 और 2024 25 सत्र में दाखिल 500 संस्थानों में 50,000 छात्रों की अब तक परीक्षा नहीं हुई है. ऐसे में उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि, 2023 -24 की परीक्षा इसी साल मार्च में हो जाएगी और 2024- 25 की परीक्षा भी जल्द ही करा लिया जाएगा, यह निर्देश दे दिया गया है और आगे भी नियमित परीक्षा हो इसका भी निर्देश दिया गया है.
24 घंटे बिजली किसानों की मिलनी चाहिए:अजय कुमार
राजद के वारिसलीगंज से विधायक अनिता देवी ने विधानसभा में सिंचाई के लिए बिजली का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए 24 घंटा बिजली उपलब्ध होना चाहिए. सरकार की ओर से विभागीय मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने जबाव देते हुए कहा कि किसानों को सिचाई की सुविधा के लिए 14 घंटे बिजली दी जा रही है. किसान दिन रात पटवन नहीं करते हैं. इस पर वामदल के विधायक अजय कुमार ने कहा कि 24 घंटे बिजली किसानों की मिलनी चाहिए. इस पर मंत्री बिजेन्द्र यादव ने सधा सा उत्तर देते हुए कहा कि लिख कर दें कि इसका दुरुपयोग नहीं होगा तब इसपर विचार किया जाएगा.
सदन में सरकार को जवाब देना चाहिए:राबड़ी देवी
दूसरी ओर विधान परिषद में सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष का हंगामा जारी है. राबड़ी देवी ने कहा, प्रतिदिन महिलाओं के साथ हो रहा बलात्कार छात्राओं की हत्या हो रही है. उन्होंने सवाल पूछा कि सरकार सदन में मौन क्यों है. सदन में सरकार को जवाब देना चाहिए.
27 फरवरी तक जारी रहेगा बजट सत्र
बता दें कि बीते 02 फरवरी से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई है और 27 फरवरी तक बजट सत्र चलेगा. विपक्ष की ओर से कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा की बदहाली और किसान के मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन भी हो रहा है लेकिन लंबे अरसे के बाद विधानसभा में प्रश्न काल बिना रोक-टोक के चल रहा है. जिससे सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पिछले तीन दिनों से सदन में नहीं आए हैं और इसके कारण सत्ता पक्ष के लोगों को विपक्ष पर हमला करने का मौका भी मिल रहा है.















