पश्चिम एशिया संकट के बीच इथेनॉल ब्लेंडिंग बनी सुरक्षा कवच, ग्राहकों के बचे 30 रुपये प्रति लीटर
इथेनॉल ब्लेंडिंग से दिल्ली में पेट्रोल खरीदने वालों के बचे प्रति लीटर 30 रुपये
नई
दिल्ली, केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को
लेकर बड़ा दावा किया है। सरकार का कहना है कि अगर पेट्रोल में इथेनॉल नहीं
मिलाया जाता, तो हाल के पश्चिम एशिया संकट के दौरान देश में पेट्रोल की
कीमत 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी लेकिन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल
की वजह से ग्राहकों को बड़ी राहत मिली और उन्हें करीब 30 रुपये प्रति लीटर
तक की बचत हुई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने
शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि पेट्रोल में ईथेनॉल का मिश्रण सिर्फ
ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद नहीं कर रहा, बल्कि इससे भारत
की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो रही है। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल में
इथेनॉल को मिलाने (ब्लेंडिंग) से दिल्ली के उपभोक्ताओं को प्रति लीटर लगभग
30 रुपये की बचत हुई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर
बिना इथेनॉल के दिल्ली में पेट्रोल 125 रुपये प्रति लीटर हो सकता था, जो इस
मिश्रण के कारण 94.77 रुपये प्रति लीटर मिला।
पेट्रोलियम मंत्रालय
ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम ने कई मोर्चों पर फायदा
पहुंचाया है। इससे जहां एक ओर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है।
वहीं, किसानों और डिस्टिलरी उद्योग को आर्थिक लाभ मिला है। मंत्रालय के
अनुसार यह योजना खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और देश की ऊर्जा जरूरतों के
बीच संतुलन बनाने का काम कर रही है।
सरकार ने साफ किया है कि
इथेनॉल बनाने के लिए केवल वही अनाज इस्तेमाल किया जाता है, जो खाद्य
सुरक्षा की जरूरतें पूरी होने के बाद अतिरिक्त बचता है। सरकार ने ये साफ
किया है कि ई20 पेट्रोल से पुरानी या नई गाड़ियों के इंजन को नुकसान
पहुंचने की बातें साबित नहीं हुई हैं।















