ईएसडीएस सॉफ्टवेयर की स्टॉक मार्केट में धमाकेदार एंट्री, आर्ईपीओ निवेशकों को बंपर मुनाफा
नई
दिल्ली, एआई और क्लाउड सर्विस देने वाली कंपनी ईएसडीएस
सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त मजबूती के
साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के
शेयर 429 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 73.96
प्रतिशत प्रीमियम के साथ 746.30 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 76.46
प्रतिशत प्रीमियम के साथ 757 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद
लिवाली के सपोर्ट से कुछ देर में ही ये शेयर बीएसई पर 895.55 रुपये और
एनएसई पर 908.40 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। इस तरह पहले दिन
के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को बीएसई पर प्रति शेयर 466.55
रुपये यानी 108.75 प्रतिशत का और एनएसई पर प्रति शेयर 479.40 रुपये यानी
111.75 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 720 करोड़ रुपये का
आईपीओ 28 अगस्त से एक सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ
को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल
142.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स
(क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 274.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह
नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 202.87
गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व
पोर्शन 41.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस
वैल्यू वाले कुल 1,67,83,216 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों
की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने डेटा सेंटर्स के लिए
क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उपकरणों की खरीदारी तथा इंस्टॉलेशन करने, कर्ज
के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ के
खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ईएसडीएस
सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट
रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
(डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी
रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 13.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 55.61 करोड़ रुपये के स्तर
पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल
कर 120.82 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति
में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 292.14 करोड़ रुपये
का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 376.64
करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 480.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष
2023-24 के अंत में कंपनी पर 149.04 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो
वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 62.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके
अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर
लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 42.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी
का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24
के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 216.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था,
जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 407.54 करोड़ रुपये के स्तर
पर और 2025-26 में 533.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में
कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 206.36
करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 405.55 करोड़ रुपये के
स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 528.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ
गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज,
डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 101.88 करोड़ रुपये के स्तर पर
था, जो 2024-25 में बढ़ कर 154.89 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त
वर्ष 2025-26 में 234.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।















