नीति आयोग ने ट्रेड वॉच क्वार्टरली प्रकाशन का छठा संस्करण लॉन्च किया
नई दिल्ली, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर दूसरी तिमाही के लिए 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली' प्रकाशन का छठा संस्करण लॉन्च किया।
नीति आयोग की ओर से जारी ‘ट्रेड वॉच क्वार्टरली’ रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का दुनियाभर में 4.6 लाख करोड़ डॉलर का बाजार है, लेकिन 2024 में भारत की हिस्सेदारी लगभग एक फीसदी ही रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंप्यूटर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी कलपुर्जों के बाजार पर चीन, हांगकांग और ताइवान का दबदबा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है
नीति आयोग ने इस रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि भारत की रणनीति को असेंबली आधारित वृद्धि से आगे बढ़कर कलपुर्जा-आधारित विनिर्माण की ओर स्थानांतरित होना चाहिए। आपूर्ति पक्ष पर प्रोत्साहनों को घरेलू मूल्य संवर्धन, निरंतर शोध एवं विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने वाले ‘एंकर निवेश’ से जोड़ा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात मुख्यतः अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) एवं नीदरलैंड को होते हैं और इनमें मोबाइल फोन की हिस्सेदारी 52.5 फीसदी है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स आयात में इंटीग्रेटेड सर्किट, मोबाइल फोन और डेटा प्रोसेसिंग मशीनों की बड़ी हिस्सेदारी है। सितंबर तिमाही में देश के कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात में लगभग 8.5 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो आयात वृद्धि से अधिक रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीमापार ई-कॉमर्स 2030 तक निर्यात वृद्धि का प्रमुख माध्यम बन सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट ट्रांसफॉर्मेशन का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। अब भारत के एक्सपोर्ट बास्केट में दूसरा सबसे बड़ा आइटम, यह सेक्टर टेक्नोलॉजी पर आधारित है और ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, टेलीकॉम, डिफेंस और डिजिटल सर्विसेज़ जैसी इंडस्ट्रीज़ के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, जिससे यह इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए एक पावरफुल मल्टीप्लायर बन गया है।















