सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एप्सिस एयरोकॉम का आईपीओ, 13 मार्च तक लगा सकते हैं बोली
नई
दिल्ली, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के लिए काम करने वाली
कंपनी एप्सिस एयरोकॉम का 35.77 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के
लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि
17 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी
के शेयर 18 मार्च को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
आईपीओ खुलने के बाद पहले दिन इसे सिर्फ नौ प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल सका
है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 104 रुपये से लेकर 110 रुपये
प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का
है। एप्सिस एयरोकॉम के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400
शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,64,000 रुपये का निवेश
करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 32.52 लाख नए शेयर
जारी हो रहे हैं। इनमें मार्केट मेकर्स के लिए रिजर्व किए गए 1,65,600 शेयर
भी शामिल हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स
(क्यूआईबी) के लिए 47.34 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा
रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.28 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल
इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.28 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए
5.09 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए वनव्यू कॉरपोरेट
एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि
इंटीग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार
बनाया गया है। वहीं बैसन इक्विटी ब्रोकिंग लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर
है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट
रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
(डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई
है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ
था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष
2024-25 में उछल कर 6.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त
वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 3.12 करोड़
रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति
में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 10.41 करोड़ का कुल
राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.88 करोड़ और
वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा
वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को
13.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी
पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत
में कंपनी पर 2.07 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24
में कम होकर 1.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2.84 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से
30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 2.33
करोड़ रुपये के स्तर पर था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस
में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 40 लाख रुपये के स्तर पर
था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा
वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 4.89 करोड़
रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर
इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.93
करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.10 करोड़ रुपये हो
गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 10.20 करोड़ रुपये के स्तर
पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर
2025 तक ये 4.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था।















