भावनगर, । भावनगर में वन विभाग के सहायक कंजरवेंटर के पद पर कार्यरत शैलेश खांभला ने पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर उनके शव दफनाने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बीते 5 नवंबर से लापता महिला और दोनों बच्चों के शव 10 दिन बाद 16 नवंबर को उसके सरकारी क्वार्टर के पीछे दफन हुए अवस्था में मिले। पुलिस ने आरोपित शैलेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है।

16 नवंबर को गड्ढे में दफनाया गया था पूरा परिवार

बीती 7 नवंबर को शैलेश ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। दो दिन पहले 15 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि क्वार्टर के पीछे हाल ही में एक संदिग्ध गड्ढा खोदा और भरा गया है। इस पर 16 नवंबर को जेसीबी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में वहां की खुदाई कराई गई तो तीनों के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए।

एसीएफ शैलेश खांभला भावनगर के तलाजा रोड स्थित फॉरेस्ट कॉलोनी में सरकारी क्वार्टर में रहते थे। उनकी पत्नी नयनाबेन और दोनों बच्चे—पुत्र भव्य और पुत्री पृथा—सूरत में रहते थे। दिवाली की छुट्टियों में तीनों भावनगर आए थे। बीती 5 नवंबर को नयनाबेन बच्चों के साथ सूरत निकलने की बात कहकर घर से निकलीं, लेकिन वहां नहीं पहुंचीं।

बताते हैं कि इससे पहले शैलेश खांभला दाहोद, जुनागढ़ और मेहसाणा में आरएफओ के तौर पर तैनात रह चुके हैं। एक वर्ष पहले एसीएफ पदोन्नति के साथ उनकी भावनगर में पोस्टिंग हुई थी।

घर के अंदर हत्या कर गड्ढा खोदकर दफनाए थे तीनों शव

पुलिस जांच में सामने आया है कि नयनाबेन व बच्चों की हत्या क्वार्टर के अंदर की गई। शवों को घसीटकर घर के पीछे ले जाया गया। बड़ा गड्ढा खोदकर उनमें

पत्थर बांधकर शव दफनाकर ऊपर से मिट्टी डाली गई। पूरी प्रक्रिया में काफी शारीरिक मेहनत लगने के कारण परिजनों ने शंका जताई है कि एक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।

मृतका के परिजनों का आरोप- यह अकेले आदमी के बस की बात नहीं

नयनाबेन के पितराई भाई हरेशभाई जेटाणा ने कहा कि “तीन शवों को घर से बाहर निकालकर गड्ढे तक ले जाना, पत्थर बांधना और दफनाना एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। इसमें और लोग भी शामिल हैं। जिसने भी यह राक्षसी कृत्य किया है उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।” उन्होंने सरकार से आरोपित की नौकरी के दौरान हुए कामकाज और संपत्ति की भी जांच की मांग की।

एसपी बोले-“प्राथमिक जांच में पति मुख्य संदिग्ध, उससे पूछताछ जारी”

भावनगर के एसपी नितेश पांडे ने बताया कि—शुरुआती जांच में पति शैलेश खांभला ही मुख्य आरोपियों में है। मामले में सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

हत्या की धारा जोड़कर केस दर्ज कर दिया गया है।

परिजनों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार, लगाई न्याय की गुहार

पोस्टमॉर्टम के बाद नयनाबेन, पृथा और भव्य का अंतिम संस्कार रविवार रात परिजनों की उपस्थिति में किया गया। परिवार ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और संपूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।