नई दिल्ली,  शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और साइबर ठगी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित साइबर ठगों के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कराने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड, दो चेक बुक और अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने रविवार को बताया कि 14 मई 2026 को शाहदरा निवासी वरिष्ठ नागरिक श्रीनिवास शर्मा ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया था। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और उनके बैंक खाते से बिना अनुमति के 1,69,263 रुपये निकाल लिए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के लिए एसआई सचिन कुमार, हेड कांस्टेबल पुनीत तेवतिया, आशीष और प्रवीण की विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा हरियाणा के यमुनानगर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने यमुनानगर में छापेमारी कर दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान अभय कुमार और अमरीक सिंह के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि वे साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने और नकदी निकालने के लिए किया जाता था। आरोपी जानते थे कि उनके बैंक खाते और बैंकिंग उपकरण साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे हैं, फिर भी वे इसके बदले कमीशन लेकर यह काम कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और दो चेक बुक बरामद की हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की जानकारी, लॉगिन क्रेडेंशियल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपित साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस अब पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं। साथ ही अन्य राज्यों में दर्ज साइबर अपराध के मामलों से इनके संबंधों की भी जांच की जा रही है।

वहीं शाहदरा जिला पुलिस ने लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप, एसएमएस, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।