रांची: प्रेग्‍नेंसी सिर्फ शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके लिए तन, मन और लाइफस्‍टाइल तीनों का बैलेंस बेहद जरूरी होता है। आज की महिलाएं घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारी निभाती हैं, जिसकी वजह से थकावट, तनाव और असंतुलित दिनचर्या से रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ पर बुरा असर पड़ता है.


1.  समय पर खाना खाए

प्रेग्‍नेंसी के लिए डाइजेस्टिव सिस्‍टम का मजबूत होना बेहद जरूरी है.

एक मील के बाद अगला भोजन 3-4 घंटे से पहले न करें.

भोजन का अच्छी तरह से पचना बेहद जरूरी है.

अच्छा डाइजेशन आपके हार्मोन्स और ओवुलेशन पर भी पॉजिटिव असर डालता है.


2. निद्रा: समय पर सोएं.

नींद की कमी आपके हार्मोन के बैलेंस को बिगाड़ सकती है.

अगर आप जल्दी कंसीव करना चाहती हैं, तो रात में फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें.

रोज कम से कम 7 घंटे की गहरी नींद लें.

देर रात तक जागने से बचें.

सुबह जल्दी उठें। इससे शरीर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार और ओवुलेशन रेगुलर होगा.

महिलाओं को गर्भधारण के लिए स्ट्रेस फ्री होना बेहद जरूरी है.

लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से फर्टिलिटी पर बुरा असर होता है। अगर आप जल्‍दी प्रेग्‍नेंट होना चाहती हैं, तो फिजिकली एक्टिव रहें.


3.स्ट्रेस मैनेजमेंट: प्राणायाम करें

आज तनाव सबसे बड़ी वजहों में से एक है, जिससे प्रेग्‍नेंसी में देरी होती है.

रेगुलर प्राणायाम करने से मन शांत होता है.

नींद अच्छी आती है.

हार्मोन बैलेंस होते हैं.

ये सभी चीजें मिलकर प्रेग्‍नेंसी की संभावना को बढ़ाते हैं.


4. दिनचर्या: फिजिकली एक्टिव रहें

रोज 30-40 मिनट वॉक करें.

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योगासन करें.

ये सभी ब्लड फ्लो को सुधारते हैं, हार्मोन को बैलेंस करते हैं और गर्भधारण को आसान बनाते हैं.


5.  स्क्रीन टाइम कम करें

मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट हार्मोन और नींद पर बुरा असर डाल सकती है.

रात में फोन दूसरे कमरे में रखें.

सोने से पहले स्क्रीन का इस्‍तेमाल न करें.

पार्टनर के साथ समय बिताएं और बातचीत करें। इससे संबंध भी मजबूत होंगे और गर्भधारण की संभावना भी बढ़ेगी.