आयुष्मान भारत से होगा कैंसर मरीजों का पीईटी-सीटी स्कैन
मुंबई, महाराष्ट्र सरकार ने कैंसर मरीजों को महंगी जांच के आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पीईटी-सीटी स्कैन को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल करने का फैसला किया गया है। इस पहल से मरीजों को बीमारी का सही पता लगाने, उसकी अवस्था समझने और इलाज की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, पीईटी-सीटी जांच को कैंसर के 63 इलाज पैकेज में अतिरिक्त जांच प्रक्रिया के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा, 13 तरह के कैंसर के इलाज के लिए इसे स्वतंत्र जांच प्रक्रिया के रूप में भी मंजूरी दी गई है। पहले यह सुविधा 44 इलाज पैकेज में उपलब्ध थी। पीईटी-सीटी स्कैन की अधिक कीमत के कारण कई मरीज जांच टाल देते हैं।
इससे बीमारी की पहचान और सही समय पर इलाज शुरू करने में देरी हो सकती है। इस समस्या को देखते हुए मरीजों और अस्पतालों की ओर से लंबे समय से इस जांच को सरकारी योजना में शामिल करने की मांग की जा रही थी। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की सलाह पर गठित स्वतंत्र अध्ययन समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया।
सरकार ने जांच की दरें भी तय की हैं। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जांच के लिए 20,400 रुपये, मस्तिष्क की जांच के लिए 14,650 रुपये, गैलियम-68 जांच के लिए 15,000 रुपये और हृदय संबंधी जांच के लिए 9,400 रुपये निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।
विशेषज्ञ डॉक्टर को जांच की जरूरत प्रमाणित करनी होगी। संबंधित अस्पताल में जरूरी उपकरण, तकनीकी सुविधाएं, प्रशिक्षित कर्मचारी और अपना पीईटी-सीटी केंद्र होना अनिवार्य है। जांच से पहले सरकारी मंजूरी और आवश्यक चिकित्सा दस्तावेज भी जमा करने होंगे। सरकार ने योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।