रांची (RANCHI): झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के लिए शुक्रवार का दिन स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तब एक नई उपलब्धि लेकर आया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आदित्यपुर में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया. इस अवसर पर घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, खरसावां विधायक दशरथ गागराई और जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी भी उपस्थित रहे.


कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोल्हान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू हो चुकी है और आज इसका औपचारिक उद्घाटन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह संस्थान लंबे समय से स्कूल, डिग्री कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहा है और आने वाली पीढ़ियों को संवारने का कार्य कर रहा है. उन्होंने छात्रों से कहा कि जब वे पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनकर निकलेंगे, तब समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी और उन्हें उन उम्मीदों पर खरा उतरना होगा.

स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर की चर्चा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. आदित्यपुर आते समय भी उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की है और उन्हें जल्द हल करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि इस संस्थान में योग्य और अनुभवी प्रोफेसर उपलब्ध हैं और ऐसे मेडिकल संस्थान झारखंड के अन्य जिलों में भी खुलने चाहिए.


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 200 से अधिक नर्सिंग कॉलेज हैं और आने वाले समय में झारखंड में 25 से 30 मेडिकल कॉलेज होंगे. सरायकेला में मेडिकल कॉलेज खुलना सरकार की इच्छा थी, जो अब पूरी हो गई है और इससे इस जिले से भी डॉक्टर निकलेंगे. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस मौके पर कहा कि झारखंड में अब सिकल सेल और थैलेसीमिया के मरीजों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा. इससे यह स्पष्ट होगा कि राज्य के किस जिले में कितने सिकल सेल और थैलेसीमिया के मरीज हैं. आंकड़े सामने आने के बाद सरकार सभी मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था करेगी. उन्होंने कहा कि अबतक इन मरीजों को इलाज के लिए झारखंड के बाहर जाना पड़ता था, लेकिन आने वाले समय में राज्य के भीतर ही इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.


स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि झारखंड के मेडिकल सिस्टम को सुधारने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है, इसलिए भ्रामक खबरें न चलाई जाएं. उन्होंने बताया कि राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए भी सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है.

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का जताया आभार 

कॉलेज के चांसलर एमएन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल से आयडा के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई गई थी, जिसके बाद इस मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई. उन्होंने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज 100 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हो रहा है. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का भी आभार व्यक्त किया.

झारखंड में कुल 10 मेडिकल कॉलेज मौजूद

कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव अजय सिंह ने कहा कि यह दिन झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि जमशेदपुर के आसपास यह तीसरा मेडिकल कॉलेज है. वर्तमान में झारखंड में कुल 10 मेडिकल कॉलेज हैं और अगले चार वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी. उन्होंने जानकारी दी कि सरकार द्वारा तीन नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिनमें एक चाईबासा, एक कोडरमा और एक बोकारो में स्थापित किया जा रहा है. 
इससे पहले उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई. इसके बाद नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज के चांसलर एमएन सिंह ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उपस्थित विधायकों का बुके देकर स्वागत किया. वंदना के पश्चात मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.