रांची में HEC और रेलवे की जमीन पर प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन, विरोध में सड़क पर उतरे लोग
रांची: राजधानी रांची में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। HEC और रेलवे की जमीन पर लंबे समय से बने कथित अवैध निर्माण और कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की मौजूदगी में चिन्हित स्थानों पर बने निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। बुलडोजर चलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और प्रशासन से पहले उचित जांच तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग की। बताया जा रहा है कि जिन जमीनों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें HEC और रेलवे से संबंधित भूमि शामिल है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में जारी नहीं रहने दिया जा सकता। अभियान के तहत पहले जमीन और निर्माण की पहचान की गई और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्रवाई चिन्हित अतिक्रमित जमीन पर ही की जा रही है। संबंधित दस्तावेजों और जमीन के स्वामित्व की जांच के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। बुलडोजर एक्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि अचानक निर्माण हटाने से कई परिवारों के सामने रहने और रोजगार की समस्या पैदा हो सकती है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि जिन परिवारों के मकान या दुकानें कार्रवाई की जद में आ रही हैं, उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच की जाए। लोगों का कहना था कि यदि किसी निर्माण को अवैध माना गया है तो प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई गई। प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्रवाई में बाधा नहीं डालने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने जमीन से जुड़े अपने दस्तावेज प्रशासन के सामने रखने की बात कही। लोगों का आरोप है कि कई परिवार लंबे समय से यहां रह रहे हैं और उनके पास जमीन या मकान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। ऐसे में कार्रवाई से पहले प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जानी चाहिए। वहीं, प्रशासन का रुख है कि जमीन के स्वामित्व का अंतिम निर्धारण संबंधित रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही होगा। यदि किसी व्यक्ति के पास वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। रांची में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। HEC और रेलवे की जमीन के अलावा अन्य सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण की पहचान और कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि कार्रवाई के दायरे में आने वाले परिवारों के दस्तावेजों की जांच किस तरह होती है और प्रशासन प्रभावित लोगों के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है। फिलहाल मौके पर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस की तैनाती जारी है। जमीन के स्वामित्व और अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की जांच तथा आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।HEC और रेलवे की जमीन पर कब्जे का मामला
कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
मौके पर पुलिस बल की तैनाती
जमीन के दस्तावेजों को लेकर भी उठे सवाल
आगे भी जारी रह सकता है अतिक्रमण हटाओ अभियान













