नई दिल्ली,  देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की सुविधाओं में विस्तार के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

पंजाब विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने वहां ओलंपिक मानक वाले सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण को मंजूरी दे दी है। आगामी दो से तीन महीनों में इस परियोजना पर जमीनी काम शुरू होने की उम्मीद है।

यह निर्णय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद आया है। शनिवार देर शाम अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री से मुलाकात की और देश में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक व्यापक ज्ञापन सौंपा।

अभाविप ने वर्ष 2036 में भारत की संभावित ओलंपिक मेजबानी की तैयारियों से लेकर ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई सुझाव दिए, जिन पर खेल मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया।

इनमें ओलंपिक की तैयारियों के लिए अभी से एक मजबूत राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने की मांग, प्रत्येक राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना और हर जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र व मल्टी-स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण, देश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों से खेल प्रतिभाओं को ढूंढने के लिए विशेष अभियान, एथलीटों के लिए स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करना, एक 'राष्ट्रीय डिजिटल एथलीट पोर्टल' का निर्माण और 'माई भारत' वालंटियर्स के मानदेय में वृद्धि करना शामिल है।

केंद्रीय खेल मंत्री ने अभाविप द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुझाए गए ‘स्पोर्ट्स सामग्री बैंक’ के आइडिया की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस योजना पर सरकार जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी ताकि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभा पीछे न छूटे।

राष्ट्रीय महामंत्री (अभाविप) के डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इन्हें आधुनिक खेल अवसंरचना और वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिले, तो भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। खेल सिर्फ पदक जीतने के लिए नहीं बल्कि युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रभावना जगाने का माध्यम हैं।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार ज्ञापन में उठाए गए अधिकांश मुद्दों पर पहले से ही काम कर रही है और बाकी के सुझावों पर भी गंभीरता से विचार कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।