प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया, पीएमओ अब नए भवन से करेगा कार्य
रांची (RANCHI): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया, जहां अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक साथ कार्य करेंगे.
पीएम ने ‘सेवा’ की भावना को किया प्रतिबिंबित
प्रधानमंत्री ने नए परिसर में ‘सेवा तीर्थ’ नाम का अनावरण किया, जो भवन की दीवार पर देवनागरी लिपि में अंकित है. इसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ लिखा गया है. उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने परिसर में पूजा-अर्चना भी की और ‘सेवा’ की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए.
वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर परिसर के उद्घाटन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “भारत के लोगों की सेवा करने के पक्के इरादे और नागरिक देवो भव की पवित्र भावना से प्रेरित होकर, सेवा तीर्थ विनम्रता से देश को समर्पित है. सेवा तीर्थ हमेशा कर्तव्य, करुणा और इंडिया फर्स्ट के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता का एक चमकता हुआ प्रतीक बना रहे. यह आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा और सभी की भलाई के लिए बिना थके समर्पण के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करें.”
दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध होगा
प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि सेवा तीर्थ में आज उन्होंने गरीबों, वंचितों, मेहनतकश किसानों, युवा शक्ति और नारी शक्ति को मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर हस्ताक्षर किए. इन निर्णयों में ‘पीएम राहत योजना’ की शुरुआत को मंजूरी शामिल है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा. इससे यह पक्का होगा कि प्रभावित किसी भी व्यक्ति को तुरंत मेडिकल मदद मिले. इसके अलावा ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य दोगुना करके 6 करोड़ करने का निर्णय लिया गया है. इससे महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ‘एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये किया गया है. यह हमारे किसानों के लिए बहुत मददगार होगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा. सरकार ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को भी मंजूरी दी है, जिसका कोष 10,000 करोड़ रुपये होगा. इससे शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स और डीप-टेक अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को सुदृढ़ करते हैं और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देते हैं.
मौके पर मौजूद अन्य मंत्री
अब प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित दक्षिण ब्लॉक से सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित होगा, जिससे कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे, एक ही परिसर में कार्य कर सकेंगे. इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.















