रांची (RANCHI): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आज आरोप लगाया कि वह ‘राजनीतिक प्रतिरोध’ की आड़ में देश में अराजकता का माहौल बनाने और समूची व्यवस्था काे अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों का हवाला देते हुए राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के माैजूदा आंदाेलन काे भारत की जनता और लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाम राहुल गांधी तथा उनके राजनीतिक इकोसिस्टम की लड़ाई बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़े राजनीतिक समूहों का उद्देश्य लोकतांत्रिक विरोध के बजाय देश की समूची शासन व्यवस्था को अस्थिर करना है।

भंडारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी लगातार 'पोलिटिकल रेजिस्टेंट’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके राजनीतिक इकोसिस्टम का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना है।

भाजपा प्रवक्ता ने नेहा बोरा का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें अपनी ‘पोस्टर गर्ल’ के रूप में प्रस्तुत किया था। भंडारी ने दावा किया कि नेहा बोरा ने एक इंटरव्यू में बांग्लादेश में हुए आंदोलन से प्रेरित होने और भारत में भी वैसी ही स्थिति चाहने की बात कही थी।

उन्होंने इस बयान के आधार पर राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे नेहा बोरा के विचारों से सहमत हैं। भंडारी ने मांग की कि यदि राहुल गांधी ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और नेहा बोरा के बयान से असहमति जतानी चाहिए।

भंडारी ने बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां आंदोलन के दौरान जिस तरह व्यवस्था में बदलाव की मांग उठी, उसी तरह की स्थिति भारत में पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, भारत में ऐसी किसी सुनियोजित साजिश के अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने मीडिया बाइट के दौरान कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

भंडारी ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण के एक सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भूषण ने अपने पोस्ट में क्रांति और खून-खराबे से जुड़ी बातें कही थीं और इसके करीब 24 घंटे बाद राहुल गांधी ने उनके साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

भाजपा प्रवक्ता ने इन दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह राजनीतिक प्रतिरोध के नाम पर अराजकता को वैध ठहराने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध का अधिकार है, लेकिन किसी भी राजनीतिक गतिविधि का उद्देश्य हिंसा या अव्यवस्था को बढ़ावा देना नहीं होना चाहिए।

भंडारी ने कहा कि देश की जनता ने विभिन्न चुनावों में मतदान के माध्यम से अपनी राजनीतिक पसंद जाहिर की है। उन्होंने बैलेट पेपर और ईवीएम से हुए चुनावों के साथ-साथ उपचुनावों और छात्र चुनावों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि जनता और युवा वर्ग ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जाे देश काे अराजकता में धकेलती है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता का समर्थन और चुनावी प्रक्रिया है।

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से नेहा बोरा के कथित बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी की राजनीतिक सोच अराजकता को बढ़ावा देने वाली नहीं है, तो उन्हें इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।