श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने का समय आ गया : सुधांशु त्रिवेदी
आसनसोल, बंगाल के सपूत श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा
करने का समय आ गया है। कोलकाता रविवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी ने यह बात
कही।
भाजपा के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक
श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसी बंगाल की धरती के पुत्र थे और अब उनके सपनों को
साकार करने की घड़ी आ चुकी है।
उन्होंने कहा कि अंग, बंग और कलिंग
की इस ऐतिहासिक भूमि में बंगभूमि यानी पश्चिम बंगाल का महत्व अत्यंत विशेष
है। हमें पूरा विश्वास है कि विकास और राष्ट्रवाद की यह लहर अब बंगाल में
जरूर उठेगी।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वह इस पवित्र भूमि को नमन
करते हैं, जहां से भारत के राष्ट्रवाद की दो महान ध्वनियां—राष्ट्रगान जन
गण मन और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्—उत्पन्न हुए। भाजपा को पूरा विश्वास है
कि इस चुनाव में इसी धरती से राष्ट्रवाद की वही मजबूत आवाज फिर गूंजेगी और
पूरे भारत में प्रतिध्वनित होगी।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर
निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र का नाम “भरोसे का संकल्प
पत्र” रखा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र का नाम “इश्तेहार”
क्यों रखा? उन्होंने कहा कि “इश्तेहार” कोई बंगाली शब्द नहीं है, बल्कि यह
अरबी-फारसी मूल का शब्द है। इसके पीछे कैसी मानसिकता काम कर रही है, यह
सवाल उठता है। उन्होंने 1905 का उदाहरण देते हुए कहा कि नवाब कालीमुल्लाह
ने अपने अखबार का नाम “इश्तेहार” रखा था, तो क्या यहां भी वही मानसिकता
झलक रही है?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक राज्य का
चुनाव नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने
कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया है कि 45 दिनों के भीतर
बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर
ली जाएगी। साथ ही “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति के तहत काम कर अवैध
घुसपैठ को रोकने का प्रयास किया जाएगा।















