रांची (RANCHI): महाशिवरात्रि पर्व के नजदीक आते ही पड़ोसी देश भारत के विभिन्न हिस्सों से नागा संन्यासियों का काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में आने का सिलसिला शुरू हो गया है.


पशुपति क्षेत्र विकास कोष के पदाधिकारियों ने किया स्वागत 

नागा बाबाओं के एक समूह ने शुक्रवार को पारंपरिक शोभायात्रा के साथ पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में गेट नंबर 1 से प्रवेश किया है. इन सभी नागा संन्यासियों का स्वागत पशुपति क्षेत्र विकास कोष के पदाधिकारियों ने किया.

पशुपतिनाथ मंदिर में एकत्र होने की प्राचीन परंपरा

योगियों के चार संप्रदायों सन्यासी, वैष्णव, नानक और उदासी में नागा बाबा सन्यासी परंपरा से संबंधित होते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर इन चारों संप्रदायों के साधु-संतों का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल पशुपतिनाथ मंदिर में एकत्र होना एक प्राचीन परंपरा है. पर्व के निकट आने के साथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.

महाशिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना

पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाशिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए तैयारियों और प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ किया गया है. इस वर्ष 15 लाख श्रद्धालुओं के पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने की संभावना है. मंदिर प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि 14 फरवरी को देर रात 1 बजे से ही मंदिर के चारों कपाट खोल दिए जायेंगे, जो 15 फरवरी मध्यरात तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे.