भारत में AI और डेटा सेंटर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिल सकती है नई रफ्तार
नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। AI तकनीक के विस्तार के साथ शक्तिशाली सर्वर, हाई-स्पीड नेटवर्किंग उपकरण, स्टोरेज सिस्टम, कूलिंग तकनीक और बिजली प्रबंधन से जुड़े हार्डवेयर की जरूरत लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत करने की पहलों के साथ घरेलू स्तर पर ऐसे उपकरणों के उत्पादन की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना, देश में विनिर्माण क्षमता विकसित करना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। AI आधारित चैटबॉट, मशीन लर्निंग, वीडियो प्रोसेसिंग और बड़े डेटा विश्लेषण जैसे कार्यों के लिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता की आवश्यकता होती है। इन कार्यों को संचालित करने के लिए डेटा सेंटर में विशेष प्रकार के सर्वर, GPU आधारित कंप्यूटिंग सिस्टम और तेज स्टोरेज उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन सेवाओं, सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर के विस्तार से भी डेटा प्रोसेसिंग की मांग बढ़ रही है। ऐसे में डेटा सेंटर का निर्माण और संचालन तकनीकी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। हालांकि, डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए केवल सर्वर ही पर्याप्त नहीं होते। बिजली की निर्बाध आपूर्ति, उन्नत कूलिंग सिस्टम, नेटवर्क कनेक्टिविटी, बैकअप व्यवस्था और साइबर सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। AI और डेटा सेंटर उद्योग में कई तरह के हार्डवेयर की आवश्यकता होती है। भारत में इनके निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने से घरेलू कंपनियों को नए अवसर मिल सकते हैं। 1. AI सर्वर और कंप्यूटिंग हार्डवेयर: AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए शक्तिशाली प्रोसेसर, GPU, सर्वर और एक्सेलेरेटर की जरूरत होती है। 2. स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरण: डेटा को सुरक्षित रखने और तेजी से स्थानांतरित करने के लिए हाई-स्पीड स्टोरेज, नेटवर्क स्विच, राउटर और ऑप्टिकल कनेक्टिविटी उपकरण महत्वपूर्ण हैं। 3. पावर मैनेजमेंट सिस्टम: डेटा सेंटर में बिजली की खपत अधिक हो सकती है। इसलिए पावर सप्लाई यूनिट, UPS, बैटरी बैकअप और ऊर्जा प्रबंधन उपकरणों की मांग भी महत्वपूर्ण है। 4. कूलिंग और थर्मल मैनेजमेंट: शक्तिशाली AI सर्वर अधिक गर्मी पैदा करते हैं। एयर कूलिंग, लिक्विड कूलिंग और अन्य ताप प्रबंधन तकनीकों का इस्तेमाल उपकरणों को सुरक्षित और कुशलता से चलाने के लिए किया जाता है। **5. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंटAI के विस्तार से बढ़ रही है डेटा सेंटर की जरूरत
किन उपकरणों के घरेलू निर्माण पर रहेगा जोर?















