नई दिल्ली: दुनिया भर में स्मार्टफोन बाजार इस समय एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। एक ओर स्मार्टफोन की शिपमेंट यानी बाजार में भेजे जाने वाले मोबाइल फोन की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर कंपनियों की कुल कमाई बढ़ गई है। महंगे स्मार्टफोन की बढ़ती मांग और मेमोरी चिप की कीमतों में उछाल के कारण मोबाइल फोन की औसत बिक्री कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद स्मार्टफोन बाजार का कुल राजस्व 3 प्रतिशत बढ़कर 114 अरब डॉलर पहुंच गया। इस दौरान स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत (ASP) 27 प्रतिशत बढ़कर 442 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

कम फोन बिके, फिर भी कंपनियों की कमाई कैसे बढ़ी?

स्मार्टफोन बाजार में इस विरोधाभास की सबसे बड़ी वजह फोन की औसत कीमत में हुई बढ़ोतरी है। पहले कंपनियां अधिक संख्या में सस्ते और बजट स्मार्टफोन बेचकर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान देती थीं। लेकिन मेमोरी चिप और अन्य जरूरी कंपोनेंट महंगे होने के कारण अब कंपनियां कम संख्या में, लेकिन अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन बेचने की रणनीति अपना रही हैं।

इसके अलावा उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम और हाई-एंड स्मार्टफोन की मांग भी बढ़ रही है। कंपनियां अपने पोर्टफोलियो में महंगे मॉडल को प्राथमिकता दे रही हैं। इससे शिपमेंट घटने के बावजूद कुल कारोबार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हालांकि, राजस्व बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनियों का मुनाफा भी उतना ही बढ़ा है। कंपोनेंट की बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।

Apple ने बनाया नया रिकॉर्ड, वैश्विक राजस्व में 50% हिस्सेदारी

तीसरी तिमाही में Apple ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का स्मार्टफोन राजस्व सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़ा और उसने वैश्विक स्मार्टफोन राजस्व में रिकॉर्ड 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।

रिपोर्ट के अनुसार, iPhone 17 सीरीज की मांग और iPhone 18 Pro सीरीज को शुरुआती प्रतिक्रिया से कंपनी को फायदा मिला। Apple के औसत बिक्री मूल्य में भी 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि बाजार में गिरावट के बावजूद कंपनी की शिपमेंट लगभग स्थिर रही।

Samsung दूसरे स्थान पर, शिपमेंट में भी सबसे आगे

Samsung ने भी इस दौरान मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रही। वहीं, राजस्व के मामले में उसने 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

Samsung का स्मार्टफोन राजस्व सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ा, जबकि औसत बिक्री कीमत में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कंपनी की औसत बिक्री कीमत 367 डॉलर तक पहुंच गई। Galaxy A सीरीज के स्मार्टफोन, Galaxy S26 Ultra और Galaxy Z Fold8 जैसे प्रीमियम डिवाइस ने इसके प्रदर्शन को मजबूती दी।

Xiaomi का राजस्व स्थिर, OPPO और vivo को नुकसान

चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के प्रदर्शन में इस तिमाही के दौरान अंतर देखने को मिला।

  • Xiaomi: कंपनी का राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग स्थिर रहा। महंगे और मिड-रेंज स्मार्टफोन पर फोकस बढ़ाने से औसत बिक्री कीमत में सुधार हुआ।

  • OPPO: कंपनी के राजस्व में 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

  • vivo: कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 22 प्रतिशत घट गया।

OPPO और vivo के मामले में औसत बिक्री कीमत बढ़ने के बावजूद शिपमेंट में गिरावट इतनी अधिक रही कि राजस्व में कमी आ गई। दोनों कंपनियां मुनाफे को प्राथमिकता देते हुए चुनिंदा बाजारों और प्रमुख मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

मेमोरी चिप की महंगाई बनी बड़ी चुनौती

स्मार्टफोन बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटर और अन्य तकनीकी ढांचे की मांग बढ़ने से मेमोरी चिप की आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। इसका असर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी पड़ रहा है।

कंपनियां इस अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन की कीमतें बढ़ा रही हैं। वहीं, बजट स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के सामने चुनौती अधिक गंभीर है, क्योंकि कम कीमत वाले फोन में मुनाफे का अंतर पहले से ही सीमित होता है।

आगे क्या होगा? महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन

Counterpoint Research के अनुमान के मुताबिक, 2026 की चौथी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार के राजस्व में गिरावट आ सकती है। इसकी वजह यह है कि शिपमेंट में कमी औसत बिक्री कीमत में बढ़ोतरी से अधिक प्रभाव डाल सकती है।

वर्ष 2027 में भी मेमोरी चिप की ऊंची कीमतें स्मार्टफोन कंपनियों के लिए चुनौती बनी रह सकती हैं। ऐसे में कंपनियां कम मॉडल लॉन्च करने, बजट सेगमेंट में अपनी मौजूदगी सीमित करने और प्रीमियम स्मार्टफोन पर अधिक ध्यान देने की रणनीति अपना सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपोनेंट की लागत में राहत मिलने की संभावना 2028 से पहले कम है।

स्मार्टफोन बाजार में बदल रही है कारोबार की रणनीति

ताजा आंकड़े बताते हैं कि स्मार्टफोन बाजार में अब केवल ज्यादा फोन बेचकर आगे बढ़ना कंपनियों के लिए आसान नहीं रह गया है। कंपनियां संख्या के बजाय प्रति फोन मिलने वाले राजस्व और मुनाफे को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका सीधा असर बजट स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है, क्योंकि आने वाले समय में कम कीमत वाले मोबाइल विकल्प सीमित हो सकते हैं और नए मॉडल महंगे हो सकते हैं।