रांची (RANCHI): ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (टीआईबी) के कार्यकारी निदेशक इफ्तेखारुज्जमां ने सोमवार को कहा कि अंतरिम सरकार ने असल में नौकरशाही के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. अंतरिम सरकार राज्य पुनर्गठन के नाम पर किए गए अपने अधिकतर सुधार लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रही है. अहम सवाल यह है कि यह आत्मसमर्पण क्यों हुआ और असली कमजोरी कहां है.


औपचारिक अधिकार और कार्यकारी शक्ति के बीच एक साफ अंतर है:इफ्तेखारुज्जमां 

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि उनके पास इसका कोई पक्का जवाब नहीं है, क्योंकि वह सरकार की अंदरूनी फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं. इफ्तेखारुज्जमां ने कहा कि हालांकि बांग्लादेश में औपचारिक रूप से एक सलाहकार परिषद या कैबिनेट है, लेकिन असली अधिकार उसके पास नहीं है. उन्होंने धनमंडी 27 में टीआईबी के ऑफिस में "अंतरिम सरकार के उद्देश्यों को तय करने में सुधार के प्रति उदासीनता" शीर्षक से एक लिखिति सामग्री भी बंटवाई. उन्होंने कहा कि औपचारिक अधिकार और कार्यकारी शक्ति के बीच एक साफ अंतर है. उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण फैसले सलाहकार परिषद नहीं लेती है. असल में यह फैसले राज्य मशीनरी के अंदर काम करने वाले बहुत शक्तिशाली व्यक्तियों या समूहों द्वारा लिए जाते हैं.

राजनीतिक और संस्थागत भ्रष्टाचार को सीधे चुनौती 

भ्रष्टाचार विरोधी सुधार आयोग का जिक्र करते हुए इफ्तेखारुज्जमां ने कहा कि इस संस्था को प्रभावी बनाने के लिए एक स्पष्ट और रणनीतिक प्रतिबद्धता की कमी इस व्यापक सिलसिले को दिखाती है. उन्होंने कहा, "अगर आयोग को कम से कम भी वैसे काम करने दिया जाता जैसा कि सोचा गया था, तो यह जड़ जमा चुके राजनीतिक और संस्थागत भ्रष्टाचार को सीधे चुनौती देता." उन्होंने कहा, "कई मामलों में अधीनस्थ लोग अपने औपचारिक वरिष्ठों से अधिक शक्तिशाली हो जाते हैं. मेरा पक्का मानना ​​है कि पूरा देश सुधार चाहता है."