कैलिफ़ोर्निया,  अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार में शुक्रवार को अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का अत्याधुनिक एफ 35बी स्टील्थ फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त होकर पूरी तरह नष्ट हो गया। हादसे से पहले पायलट सुरक्षित रूप से निकल गया।

रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे हुए इस हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अमेरिकी सेना ने इस घटना को "क्लास ए" श्रेणी की दुर्घटना बताया, जिसे सबसे गंभीर सैन्य विमान हादसों में गिना जाता है।

अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान थर्ड मरीन एयरक्राफ्ट विंग के मरीन एयरक्राफ्ट ग्रुप-11 का हिस्सा था। पायलट को एहतियात के तौर पर स्थानीय मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, उसे गंभीर या जानलेवा चोटें नहीं आई हैं।

घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रनवे के पास विमान का मलबा धू-धू कर जलता दिखाई दिया। हादसे के बाद उठे घने काले धुएं का गुबार दूर तक देखा गया। विमान के गिरने से आसपास की झाड़ियों और वनस्पति में भी आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए सैन डिएगो फायर डिपार्टमेंट को अभियान चलाना पड़ा। आग पर काबू पाने के लिए फायर रिटार्डेंट का भी इस्तेमाल किया गया। राहत की बात यह रही कि जमीन पर मौजूद किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

फिलहाल दुर्घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। अमेरिकी सेना ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

एफ35बी पांचवीं पीढ़ी का अत्याधुनिक स्टील्थ जॉइंट स्ट्राइक फाइटर है, जिसे कम दूरी से उड़ान भरने और वर्टिकल लैंडिंग (सीधे ऊपर-नीचे उतरने) की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसका संचालन मुख्य रूप से अमेरिकी मरीन कॉर्प्स करती है। इस विमान की अनुमानित कीमत करीब 109 मिलियन डॉलर (लगभग 900 करोड़ रुपये) बताई जाती है।

गौरतलब है कि, मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार कभी अमेरिकी नौसेना के प्रसिद्ध 'टॉप गन' फाइटर पायलट स्कूल का मुख्य केंद्र हुआ करता था और इसे "फाइटरटाउन यूएसए" के नाम से भी जाना जाता था। वर्ष 1996 में यह बेस मरीन कॉर्प्स को सौंप दिया गया था।

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब ठीक एक वर्ष पहले, 30 जुलाई को कैलिफ़ोर्निया के नेवल एयर स्टेशन लेमूर के पास अमेरिकी नौसेना का एफ-35सी फाइटर जेट भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में भी पायलट सुरक्षित इजेक्ट हो गया था, जबकि विमान एक खेत में गिरकर आग की चपेट में आ गया था।