रांची (RANCHI): नेपाल की संसद के उच्च सदन राष्ट्रीय सभा की 18 सीटों के निर्वाचन में नेपाली कांग्रेस एवं नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) के बीच सीटों का तालमेल हो गया और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) गठबंधन से बाहर हो गयी.
नेकपा-माओवादी सेंटर को गठबंधन को अलग करने का फैसला
राष्ट्रीय सभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और शेरबहादुर देउबा ने अपने गठबंधन को अंतिम रूप दिया. पुष्पकमल दहल प्रचण्ड ने सीटों की संख्या को लेकर असहमति जतायी थी जिस पर नेकपा-माओवादी सेंटर को गठबंधन को अलग करने का फैसला किया गया. इसके बाद नेपाली कांग्रेस, नेकपा (एमाले) के बीच गठबंधन बना.
एमाले को 8 सीटें देने का फैसला
समझौते के अनुसार, कांग्रेस को 9 सीटें, एमाले को 8 सीटें देने का फैसला हुआ है. संसद के उच्च सदन के 18 सीटों पर 25 जनवरी को होने वाले मतदान में एक सीट मधेशी नेता महंत ठाकुर के लिए छोड़ा गया है. कांग्रेस एमाले के समर्थन से ठाकुर भी अपनी उम्मीदवारी दे रहे हैं.
कांग्रेस को 9 सीटें
कांग्रेस ने 9 सीटों के लिए कोशी से सुनील थापा, मधेस से धमेन्द्र पासवान और रणजीत कर्ण, बागमती से गीता देवकोटा, गण्डकी से जगत तिमिल्सिना, लुम्बिनी से बासुदेव जंगली और चन्द्रबहादुर केसी, कर्णाली से ललितबहादुर शाही और सुदूरपश्चिम से खम्मबहादुर खाती को उम्मीदवार बनाया है. इसी तरह, यूएमएल ने अपनी 8 सीटों के लिए कोशी प्रदेश से रोशनी मेचे, बागमती से डॉ. प्रेमकुमार दंगाल, गण्डकी से सम्झना देवकोटा, लुम्बिनी से रामकुमारी झांक्री, कर्णाली से मीना रखाल और सुदूरपश्चिम से लीला कुमारी भण्डारी को उम्मीदवार बनाया है.















