ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन : आठ पर्वतारोहियों के शव बरामद, दो अब भी लापता
गिलगित, पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान स्थित दुनिया की 12वीं
सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक (8,051 मीटर) पर आए भीषण हिमस्खलन में लापता हुए
अभियान दल के आठ पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टि हो गई है। बचाव दल ने
उनके शव बरामद कर लिए हैं, जबकि दो पर्वतारोही अब भी लापता हैं। खराब मौसम
के बीच खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है।
पाकिस्तान की उर्दू
टेलीविज़न चैनल दुनिया न्यूज़ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि, हादसा
गुरुवार दोपहर उस समय हुआ जब 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय अभियान दल शिखर की
ओर बढ़ रहा था। पाकिस्तान सेना के हेलीकॉप्टरों, ज़मीनी बचाव टीमों और
हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू कर्मियों की मदद से बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव
अभियान चलाया जा रहा है।
अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) ने
बताया कि अब तक बरामद शवों में से चार की पहचान हो चुकी है। मृतकों में
ओमान की पर्वतारोही नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और नेपाल के पर्वतारोही
पुर बहादुर गुरुंग शामिल हैं। तीन शवों को पाकिस्तान सेना के हेलीकॉप्टरों
के जरिए स्कार्दू पहुंचाया गया है।
एसीपी के अनुसार, अभियान दल
में नेपाल के छह तथा पाकिस्तान, ओमान, चीन और अमेरिका के एक-एक पर्वतारोही
शामिल थे। नेपाली दल में प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, पुर बहादुर
गुरुंग, किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा
शामिल थे। अन्य सदस्यों में पाकिस्तान के सोहेल सखी, चीन के वांग झोंग,
अमेरिका की मैलोरी गीस और ओमान की नाधिरा अल हारथी शामिल थीं।
एसीपी
के महासचिव अयाज शिगरी ने बताया कि शुरुआती जीपीएस डेटा से संकेत मिलता है
कि हिमस्खलन ने पर्वतारोहियों को करीब 1,000 मीटर नीचे धकेल दिया, जिससे
वे पहाड़ के बेहद कठिन हिस्से में फंस गए। हादसे के समय कई अभियान दल एक
साथ शिखर पर पहुंचने का प्रयास कर रहे थे।
बचाव अधिकारियों ने
आशंका जताई है कि अभियान दलों के साथ काम कर रहे कुछ स्थानीय
हाई-एल्टीट्यूड पोर्टर भी हिमस्खलन की चपेट में आए हो सकते हैं, हालांकि
उनकी स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गिलगित-बाल्टिस्तान
के मुख्यमंत्री अमजद हुसैन एडवोकेट ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट
पर रहने और पाकिस्तान सेना के साथ मिलकर बचाव अभियान में तेजी लाने के
निर्देश दिए हैं।
इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा
दी है, क्योंकि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में गिने जाने वाले
निर्मल पुर्जा का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुर्जा ने वर्ष 2019 में
केवल छह महीने और छह दिनों में 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई
कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 2021 में पूरी तरह नेपाली टीम के साथ
के2 (जिसे माउंट गॉडविन-ऑस्टिन के नाम से भी जाना जाता है) की पहली सफल
शीतकालीन चढ़ाई में भी अहम भूमिका निभाई थी।
वहीं, लापता पाकिस्तानी
पर्वतारोही सोहेल सखी भी देश के शीर्ष हाई-एल्टीट्यूड पर्वतारोहियों में
गिने जाते हैं। हुंजा निवासी सखी हाल ही में कंचनजंगा पर चढ़ाई कर चुके थे
और इससे पहले बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के के2, नंगा पर्वत, गाशेरब्रुम-1 और 2
जैसी चोटियों को भी सफलतापूर्वक फतह कर चुके हैं।















